एशियाई खेल : अनीश भानवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में सातवें स्थान पर रहे

 


- भारत का निशानेबाजी अभियान 15 पदकों के साथ समाप्त

नागोया, 01 अक्टूबर (हि.स.)। भारत के अनीश भानवाला ने गुरुवार को एची प्रीफेक्चर जनरल शूटिंग गैलरी में पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया। इसके साथ ही एशियाई खेलों में भारत का निशानेबाजी अभियान 15 पदकों के साथ समाप्त हो गया। भारतीय निशानेबाजों ने प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक सहित कुल 15 पदक जीते।

अनीश 11 अंक के स्कोर पर अन्य निशानेबाजों के साथ बराबरी पर थे, लेकिन क्वालीफिकेशन में कम रैंकिंग के कारण काउंटबैक के आधार पर उन्हें बाहर होना पड़ा और उन्होंने सातवें स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। अनीश ने क्वालीफिकेशन में 576-17एक्स का स्कोर करते हुए नौवां स्थान हासिल किया था, लेकिन इसके बावजूद फाइनल में जगह बनाई। दक्षिण कोरिया के तीन निशानेबाज शीर्ष आठ में रहे थे, लेकिन एक देश से अधिकतम दो निशानेबाजों को ही फाइनल में जगह मिल सकती थी। इस नियम के कारण अनीश को आठवें और अंतिम क्वालीफाइंग स्थान पर फाइनल में प्रवेश मिला।

एची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत निराशाजनक रहा और उन्होंने भारत के कुल 15 पदकों में से केवल दो पदक जीते। भारत ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत और मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक हासिल किया।

इस बीच, भारत ने सेपकटकरॉ के पुरुष क्वाड्रेंट वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का कर लिया। भारत ने ग्रुप चरण में अपना अभियान अजेय रहते हुए समाप्त किया और म्यांमार के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 2-1 से वापसी करते हुए जीत दर्ज की।

भारत को शुरुआती सेट में 10-15 से हार मिली, लेकिन टीम ने अगले दोनों सेट 15-13 और 15-7 से जीतकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत ने लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक और वियतनाम के खिलाफ भी जीत दर्ज की थी।

कैनो स्लालम में भारत की शिखा चौहान ने महिलाओं की कयाक एकल फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया। उन्होंने 193.31 सेकंड का समय निकालकर आठ खिलाड़ियों के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया।

महिलाओं के 70 किग्रा जूडो क्वार्टर फाइनल में भारत की इनुंगनबी तखेल्लंबम को उत्तर कोरिया की मुन सोंग-हुई के खिलाफ इप्पोन से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उनकी निर्धारित रेपेचाज प्रतिद्वंद्वी चीन की जिंग तांग को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद इनुंगनबी सीधे कांस्य पदक मुकाबले में पहुंच गईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे