एशियाई खेलों की तैयारी के लिए भारतीय महिला रग्बी टीम का कोलकाता में लगा राष्ट्रीय शिविर

 




कोलकाता, 09 सितंबर (हि.स.)। भारतीय सीनियर महिला रग्बी सेवन्स टीम ने आइची-नागोया एशियाई खेलों की तैयारियों के अहम चरण में प्रवेश कर लिया है। टीम का राष्ट्रीय शिविर भारतीय खेल प्राधिकरण के नेताजी सुभाष ईस्टर्न सेंटर, साल्ट लेक, कोलकाता में लगाया गया है। बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले यह केंद्र भारतीय रग्बी टीम का प्रमुख अभ्यास केंद्र रहा है।

भारतीय महिला टीम एशियाई खेलों में महिला रग्बी सेवन्स स्पर्धा में एक से तीन अक्टूबर तक नागोया के पालोमा मिजुहो रग्बी स्टेडियम में हिस्सा लेगी। भारत को पूल-बी में गत चैंपियन चीन, हांगकांग चीन और मलेशिया के साथ रखा गया है।

भारतीय खेल प्राधिकरण में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में मुख्य कोच टेरेंस जोसेफ ने जापान में टीम के प्रदर्शन को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि एशियाई खेल हमारे लिए एक बड़ा टूर्नामेंट है। हम टीम में बारीकियों और निरंतरता पर ध्यान दे रहे हैं। जापान में हम अपनी योजनाओं को किस तरह लागू करते हैं, इस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। जोसेफ ने कहा, “भारतीय रग्बी टीम के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण, कोलकाता उसका घर रहा है। पिछले तीन वर्षों से हम यहां शिविर आयोजित कर रहे हैं।”

कप्तान शिखा यादव ने भी कोच की बात का समर्थन करते हुए कहा, “हम एशिया रग्बी सेवन्स सीरीज में हाल के प्रभावशाली प्रदर्शन से मिली फॉर्म और निरंतरता को एशियाई खेलों में भी बरकरार रखना चाहते हैं। खुद पर अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय हम जमीन से जुड़े रहना चाहते हैं, अपनी रणनीति का पालन करना चाहते हैं और बुनियादी चीजों पर ध्यान केंद्रित रखना चाहते हैं।”

एशियाई खेलों की पिछली टीम में शामिल रहीं शिखा यादव, दुमिनी मरांडी, कल्याणी पाटिल, वैश्णवी पाटिल, मामा नायक और संध्या राय इस बार आइची-नागोया के लिए भी टीम का हिस्सा हैं। भारतीय टीम ने 2022 में हांगझोउ एशियाई खेलों से पहले भी भारतीय खेल प्राधिकरण, कोलकाता को अपना आधार बनाया था। उस प्रतियोगिता में महिला टीम सातवें स्थान पर रही थी। मौजूदा शिविर 24 सितंबर तक चलेगा और इसमें जापान में उतरने वाली मुख्य टीम को अंतिम रूप देने के साथ-साथ एशिया की मजबूत टीमों के खिलाफ जरूरी रणनीतिक तैयारियों को धार दी जा रही है।

भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय निदेशक सिबानंद मिश्रा ने कहा, “भारतीय खेल प्राधिकरण, कोलकाता ने भारतीय रग्बी टीम को सभी आवश्यक सुविधाएं, खेल विज्ञान और अन्य सहयोग उपलब्ध कराया है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि भविष्य में भी हम पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए आधार केंद्र बने रहेंगे।” उन्होंने कहा, “रग्बी महासंघ के साथ हमारे बेहद सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। हम संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं, ताकि पुरुष और महिला दोनों टीमों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।”

राष्ट्रीय कोचिंग शिविर में कुल 20 खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण ने इस शिविर के लिए 19.8 लाख रुपये की मंजूरी दी है। भारत सरकार ने आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए 35 खेलों में 492 भारतीय खिलाड़ियों के दल को मंजूरी दी है, जिसमें महिला रग्बी के 13 खिलाड़ी शामिल हैं।

दक्षिण अफ्रीका के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच कियानो फूरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में टीम और खिलाड़ियों के शारीरिक तथा तकनीकी विकास पर लगातार काम किया गया है। उन्होंने कहा, “जब मैं पहली बार भारत आया था, तब से हमारा उद्देश्य टीम और व्यक्तिगत खिलाड़ियों को शारीरिक और तकनीकी रूप से बड़े टूर्नामेंटों के लिए बेहतर बनाना रहा है। हम अब उस विकास को देख रहे हैं। खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और मांसपेशियों की ताकत में सुधार किया है। उन्होंने अधिक निरंतरता के साथ प्रशिक्षण लिया है और बेहतर आदतें विकसित की हैं। इन सुधारों के साथ मुझे विश्वास है कि वे एशियाई खेलों की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगी।”

कोलकाता का यह शिविर महज एक प्रशिक्षण शिविर नहीं है, बल्कि भारतीय महिला रग्बी के लिए लंबे समय तक साथ रहकर टीम संयोजन, रणनीतिक प्रणाली, फिटनेस, रिकवरी और मैच तैयारी पर एकीकृत रूप से काम करने का महत्वपूर्ण अवसर है। दक्षिण अफ्रीकी मुख्य कोच पॉल डेलपोर्ट के मार्गदर्शन में कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों के सामरिक संयोजन और मैच विश्लेषण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

महिला रग्बी सेवन्स ने 2010 में ग्वांगझोउ एशियाई खेलों में पहली बार एशियाई खेलों में प्रवेश किया था। इसके बाद भारत 2014 और 2018 के संस्करणों में हिस्सा नहीं ले सका। टीम ने 2022 में हांगझोउ एशियाई खेलों में वापसी की और सातवां स्थान हासिल किया। अब आइची-नागोया में भारतीय टीम एशिया की स्थापित मजबूत टीमों को चुनौती देने की तैयारी में है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे