खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 का शुभारंभ कल, युवा खिलाड़ियों के लिए करियर बनाने का सुनहरा अवसर

 


रायपुर, 24 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित हो रहे खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 का शुभारंभ बुधवार से होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर देश के दिग्गज खिलाड़ियों ने इसे जनजातीय युवाओं के लिए अपने खेल कौशल को निखारने और करियर बनाने का बेहतरीन मंच बताया है। हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और धावक अनिमेष कुजूर ने इस पहल की सराहना की है।

इस प्रतियोगिता में देश के 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। खेलों का आयोजन रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में किया जाएगा। कुल 9 खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें 7 पदक स्पर्धाएं — तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती हैं, जबकि मल्लखंभ और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में रखा गया है।

इस आयोजन में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक, तैराकी में 24, कुश्ती में 18, भारोत्तोलन में 16 और तीरंदाजी में 10 स्वर्ण पदक शामिल हैं। हॉकी और फुटबॉल मुकाबले रायपुर में, एथलेटिक्स स्पर्धाएं जगदलपुर में और कुश्ती प्रतियोगिताएं सरगुजा में आयोजित होंगी।

छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से सबसे अधिक 100 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में पुरुष और महिला खिलाड़ियों की संख्या लगभग बराबर रखी गई है, जो लैंगिक समानता को दर्शाता है।

दिलीप तिर्की ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को खेलों में अग्रणी बनाने के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनजातीय समाज के खिलाड़ी इस मंच से उभरकर देश का नाम रोशन करेंगे।

यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित चयन प्रतियोगिताओं के माध्यम से किया गया है, जबकि खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षक खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे, जिससे उन्हें आगे बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे