एशियाई खेल: भारतीय महिला कबड्डी टीम जापान रवाना, लगातार चौथे स्वर्ण पर नजर
गांधीनगर, 18 सितंबर (हि.स.)।भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 2026 एशियाई खेलों से पहले अपना अंतिम प्रशिक्षण शिविर पूरा कर लिया है और शुक्रवार को जापान के लिए रवाना हो गई है। टीम ने भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ के मार्गदर्शन में कई महीनों तक चरणबद्ध तरीके से तैयारी की।
भारतीय टीम हांगझोउ एशियाई खेलों में जीते स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी, जहां उसने फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से हराया था। महिला कबड्डी में यह भारत का चौथा स्वर्ण होगा। कबड्डी को एशियाई खेलों में शामिल किए जाने के बाद भारत अब तक इस खेल में कुल 11 स्वर्ण पदक जीत चुका है।
मुख्य कोच नीता डाडवे ने बताया कि यह टीम का चौथा और अंतिम प्रशिक्षण शिविर था। उन्होंने कहा कि इससे पहले 15 दिन और एक महीने के दो शिविरों के अलावा तीसरा शिविर भी आयोजित किया गया था। तैयारी की शुरुआत 42 खिलाड़ियों के साथ हुई और चरणबद्ध तरीके से टीम को छोटा किया गया। इस दौरान अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन बनाए रखा गया। उन्होंने कहा, “हम कोई दबाव नहीं लेना चाहते। हम सिर्फ खुलकर खेलना चाहते हैं।”
कोच ममता पूजारी ने टीम की तैयारी के अलग-अलग चरणों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रो कबड्डी लीग के आयोजक मशाल स्पोर्ट्स के साथ मिलकर स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग कार्यक्रम भी चलाया गया। उन्होंने कहा, “यह लगभग छह महीने से एक साल तक चलने वाली प्रक्रिया है। पहले शिविर में पूरी तरह फिटनेस, गति, सहनशक्ति, वजन प्रशिक्षण और रिकवरी पर ध्यान दिया जाता है। अगले शिविर में कौशल और मैच अभ्यास पर जोर बढ़ता है। तीसरे शिविर तक ज्यादातर समय मैट पर बिताया जाता है। अंतिम शिविर में सब कुछ एक साथ आता है और वीडियो के जरिए विपक्षी टीमों के खेल का अध्ययन भी किया जाता है।”
खिलाड़ी सोनाली शिंगाटे के लिए यह एशियाई खेल विशेष महत्व रखते हैं। 2018 एशियाई खेलों में हिस्सा ले चुकी सोनाली 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों के लिए टीम में थीं, लेकिन चोट के कारण अंतिम समय में उन्हें सर्जरी और पुनर्वास से गुजरना पड़ा था।
उन्होंने कहा, “मैंने 2018 में एशियाई खेल खेले थे और 2023 में टीम में थी, लेकिन आखिरी समय में चोट लग गई और मुझे सर्जरी तथा रिहैबिलिटेशन के लिए जाना पड़ा। यह मेरा तीसरा मौका है।”
उन्होंने कहा, “हर खिलाड़ी का सपना एशियाई खेलों में खेलना होता है। कबड्डी ऐसा खेल है, जिसमें कभी भी चोट लग सकती है, इसलिए हर किसी को इतने मौके नहीं मिलते।”
सोनाली ने टीम के माहौल को भी सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि कोच खिलाड़ियों का अच्छी तरह ध्यान रख रहे हैं और नए खिलाड़ियों को वरिष्ठ खिलाड़ियों का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्तिगत अंक के बारे में नहीं सोचता। हम एक टीम के रूप में खेलते हैं।”
विपक्षी टीमों के बारे में ममता पूजारी ने कहा कि ईरान और चीनी ताइपे पर विशेष नजर है। उन्होंने बताया कि ईरान शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेलता है, जबकि चीनी ताइपे अधिक शांत और कौशल आधारित खेल पर निर्भर करता है। टीम ने बांग्लादेश, जापान और दक्षिण कोरिया के खेल का भी वीडियो अध्ययन किया है।
नई प्रतिभाओं के बारे में दोनों कोचों ने निकिता कुमारी का विशेष रूप से उल्लेख किया। ममता ने बताया कि निकिता पिछली जूनियर अंडर-18 भारतीय टीम की कप्तान थीं और यदि वह अपने खेल तथा फिटनेस पर ध्यान बनाए रखती हैं तो उनका भविष्य अच्छा है। नीता डाडवे ने कहा कि निकिता में ताकत है और वह बाएं विंग पर खेलती हैं, जिससे वह टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
महिला कबड्डी के भविष्य के लिए दोनों कोचों ने पेशेवर लीग की जरूरत पर जोर दिया। सोनाली ने कहा कि लीग शुरू होने से खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता के साथ वैज्ञानिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवाओं को छोड़कर लड़कियों के लिए पेशेवर टीमों के अवसर अभी बहुत सीमित हैं और लीग इस स्थिति को बदल सकती है। ममता ने कहा कि देशभर में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अवसर नहीं मिल पाता, जबकि लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दे सकती है।
सोनाली ने भारतीय प्रशंसकों से महिला कबड्डी का समर्थन जारी रखने की अपील करते हुए कहा, “महिला कबड्डी का समर्थन करने के लिए सभी भारतीय प्रशंसकों का धन्यवाद। आप जो कर रहे हैं, उसे जारी रखें—हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।”
2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला कबड्डी टीम:
पुष्पा राणा (कप्तान), रितु नेगी, सोनाली शिंगाटे, संजू देवी, पूजा काजला, रितु श्योराण, ज्योति ठाकुर, पिंकी रॉय, मनीषा कुमारी, भावना ठाकुर, राज रानी और निकिता कुमारी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे