बेल्जियम दौरे के लिए तैयार भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम

 




~ नए मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज़ के नेतृत्व में भारतीय टीम जुलाई में ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, जर्मनी और नीदरलैंड्स के खिलाफ छह मुकाबले खेलेगी ~

नई दिल्ली, 25 जून (हि.स.)।भारतीय जूनियर (अंडर-21) पुरुष हॉकी टीम बेल्जियम के एक्सपोज़र दौरे के लिए तैयार है, जहां वह ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, जर्मनी और नीदरलैंड्स के खिलाफ छह उच्चस्तरीय मुकाबले खेलेगी। यह दौरा इस वर्ष के अंत में होने वाले पुरुष जूनियर एशिया कप से पहले नए मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज़ के नेतृत्व में टीम की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

इस दौरे में भारतीय टीम ऑस्ट्रिया और बेल्जियम के खिलाफ दो-दो मैच खेलेगी, जबकि जर्मनी और नीदरलैंड्स के खिलाफ एक-एक मुकाबला खेलेगी। 7 से 17 जुलाई 2026 के बीच खेले जाने वाले इन छह मैचों में से पांच मुकाबले बेल्जियम के वेवरे स्थित बेल्फियस हॉकी एरीना में होंगे, जबकि दौरे का अंतिम मैच नीदरलैंड्स के खिलाफ एंटवर्प स्थित हॉकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जाएगा।

भारत अपने अभियान की शुरुआत 7 जुलाई को ऑस्ट्रिया के खिलाफ करेगा, जिसके बाद 8 जुलाई को उसी टीम के खिलाफ दूसरा मैच खेलेगा। इसके बाद भारतीय टीम 10 जुलाई को मेजबान बेल्जियम से भिड़ेगी। 13 जुलाई को जर्मनी के खिलाफ मुकाबला होगा, जबकि 14 जुलाई को एक बार फिर बेल्जियम का सामना करेगी। दौरे का अंतिम मुकाबला 17 जुलाई को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेला जाएगा।

यह दौरा युवा भारतीय टीम के लिए यूरोप की कुछ सबसे मजबूत हॉकी टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता को परखने का शानदार अवसर होगा। साथ ही, वर्ष के अंत में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले विभिन्न परिस्थितियों और अलग-अलग खेल शैलियों के खिलाफ अनुभव हासिल करने में भी मदद करेगा।

दौरे से पहले हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज़ ने कहा, मैं इस समूह के साथ अपने पहले दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हूं। यह खिलाड़ियों को अलग माहौल में बेहतर तरीके से समझने और हमारी खेल परियोजना की नींव रखने का शानदार अवसर है। ऐसे दौरे हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि वे टीम में सामंजस्य बढ़ाने, साझा समझ विकसित करने और एक मजबूत टीम पहचान बनाने में मदद करते हैं।

उन्होंने आगे कहा, ये मुकाबले हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये हमें उन परिस्थितियों में खेलने का अवसर देंगे, जिनका सामना हमें बड़ी प्रतियोगिताओं में करना होगा। इससे हमें अपने वर्तमान प्रदर्शन स्तर का आकलन करने, दबाव में अपनी खेल रणनीतियों को लागू करने की क्षमता को परखने और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।

कोच ने विश्वास जताया कि यह दौरा टीम की तैयारियों को नई दिशा देगा और आगामी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए खिलाड़ियों को बेहतर रूप से तैयार करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे