एशियाई पैरा खेल : ऊंची कूद में भारत का दोहरा धमाल, प्रवीण ने स्वर्ण, बंटी ने जीता रजत

 


आइची-नागोया, 21 अक्टूबर (हि.स.)। एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और बंटी ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत को दोहरी सफलता दिलाई। प्रवीण ने 2.05 मीटर की ऊंचाई पार कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक हासिल किया।

प्रवीण ने प्रतियोगिता की शुरुआत 1.92 मीटर की ऊंचाई से की और शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.05 मीटर की ऊंचाई पार की। इस दौरान उन्होंने खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया और अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।

बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव ने 1.86 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक जीता।

प्रवीण ने इस प्रदर्शन के साथ एशियाई पैरा खेलों में अपना खिताब भी बचाया। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव ने 1.86 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता। भारतीय खिलाड़ियों के स्वर्ण और रजत पदक जीतने से इस स्पर्धा में भारत को दोहरी सफलता मिली।

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के गोविंदगढ़ गांव के रहने वाले प्रवीण कुमार का जन्म 15 मई 2003 को हुआ था। निचले अंगों से संबंधित दिव्यांगता के साथ जन्मे प्रवीण ने कम उम्र में ही एथलेटिक्स में रुचि विकसित की और ऊंची कूद को अपना प्रमुख खेल बनाया। वह डॉ. सत्यपाल सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं और भारतीय खेल प्राधिकरण के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम केंद्र में अभ्यास करते हैं। वह लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना के अंतर्गत आने वाले खिलाड़ियों में भी शामिल हैं।

प्रवीण ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में 2.07 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद उन्होंने हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीता। पेरिस पैरालंपिक-2024 में उन्होंने 2.08 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वर्ष 2025 में नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 2.00 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता था।

प्रवीण को उनकी खेल उपलब्धियों के लिए वर्ष 2021 का अर्जुन पुरस्कार और वर्ष 2024 का मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार भी मिल चुका है। टोक्यो पैरालंपिक के रजत पदक से पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक तक का उनका सफर भारतीय पैरा एथलेटिक्स में उनकी निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे