ओरिएंटल कप में जीडी गोयनका स्कूल और भारती पब्लिक स्कूल बने चैंपियन
- विजेता टीमों को 1.50 लाख रुपये, उपविजेताओं को 75 हजार रुपये और कोचों को भी मिला नकद सम्मान
नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। एक सप्ताह तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद ओरिएंटल कप 2026 फुटबॉल टूर्नामेंट के चौथे संस्करण का शानदार समापन गुरुवार को डॉ. अंबेडकर स्टेडियम में लड़कों और लड़कियों के फाइनल मुकाबलों के साथ हुआ।
जीडी गोयनका स्कूल, द्वारका ने लड़कों के वर्ग का अपना पहला ओरिएंटल कप खिताब जीता, जबकि भारती पब्लिक स्कूल ने लड़कियों के वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। दोनों टीमों ने पहली बार ओरिएंटल कप का खिताब जीतकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।
विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफियों के साथ आकर्षक नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। लड़कों और लड़कियों दोनों वर्गों की विजेता टीमों को डेढ़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई, जबकि उपविजेता टीमों को 75 हजार रुपये प्रदान किए गए। इसके अलावा, विजेता और उपविजेता टीमों के कोचों को भी उनके योगदान के लिए क्रमशः 50 हजार और 25 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
लड़कों के वर्ग में जीडी गोयनका स्कूल, द्वारका के कार्तिकेय कश्यप चुघ और लड़कियों के वर्ग में मॉडर्न स्कूल की ध्वनि बिदादा टूर्नामेंट की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं। पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार गोल स्कोरिंग प्रदर्शन के सम्मान में दोनों खिलाड़ियों को फुटबॉल बूट्स भेंट किए गए।
ओरिएंटल कप 2026 का चौथा संस्करण एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि का गवाह बना, जब टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत की गई। युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष 2.5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति निधि स्थापित की गई। इसके तहत लड़कों और लड़कियों के वर्ग से पांच-पांच खिलाड़ियों सहित कुल 10 प्रतिभाशाली छात्र-खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, क्षमता और समर्पण के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
ओरिएंटल कप छात्रवृत्ति कार्यक्रम के पहले प्राप्तकर्ताओं में लड़कों के वर्ग से कार्तिकेय कश्यप चुघ (जी.डी. गोयनका स्कूल, द्वारका), ईशान पांडे (दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज), अर्नब कश्यप (द एयर फोर्स स्कूल, सुब्रतो पार्क), ऋद्धिमान सिंह (स्टेप बाय स्टेप स्कूल, नोएडा)और अभाव भारद्वाज (दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम) शामिल रहे। वहीं लड़कियों के वर्ग में तन्वी गोगोई (वसंत वैली स्कूल), अमीना अब्दाली (संस्कृति स्कूल), नीतिका नेगी (भारती पब्लिक स्कूल), ध्वनि बिदादा (मॉडर्न स्कूल) और सोम्या (गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल) को छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया।
फाइनल दिवस के पहले मुकाबले में लड़कों के वर्ग के खिताबी मुकाबले में जीडी गोयनका स्कूल, द्वारका ने स्टेप बाय स्टेप स्कूल, नोएडा को 2-1 से हराकर अपना पहला ओरिएंटल कप खिताब जीत लिया। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। छठे मिनट में नील भगत ने अपने ही हाफ से शानदार लंबी दूरी का शॉट लगाकर जी.डी. गोयनका को बढ़त दिलाई।
हालांकि, नौवें मिनट में वंश गुलाटी ने गोल कर स्टेप बाय स्टेप की बराबरी करा दी। इसके तुरंत बाद 11वें मिनट में कार्तिकेय कश्यप चुघ ने गोल दागकर जी.डी. गोयनका को फिर बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में जी.डी. गोयनका ने अनुशासित रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम को कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया और 2-1 से जीत दर्ज कर लड़कों के वर्ग का पहला ओरिएंटल कप खिताब अपने नाम किया।
दिन के दूसरे और अंतिम मुकाबले में लड़कियों के अंडर-19 वर्ग के फाइनल में भारती पब्लिक स्कूल ने मॉडर्न स्कूल को 1-0 से हराकर पहला ओरिएंटल कप खिताब अपने नाम किया। मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों ने सतर्क रणनीति अपनाई और मजबूत रक्षापंक्ति के चलते कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे हाफ में भारती पब्लिक स्कूल ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और 31वें मिनट में नीतिका ने शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। उनका यही एकमात्र गोल मैच का निर्णायक साबित हुआ और भारती पब्लिक स्कूल ने 1-0 की जीत के साथ लड़कियों के वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया।
समापन समारोह के दौरान विजेताओं को पुरस्कार और छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। यह सम्मान उन्हें न केवल टूर्नामेंट में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया, बल्कि भारतीय फुटबॉल के भविष्य के रूप में उनकी संभावनाओं को भी मान्यता दी गई।
चैंपियन और उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए ओरिएंटल कप के संस्थापक फरीद बख्शी ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, मुझे बेहद खुशी है कि ओरिएंटल कप का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मैं अपने पूरे सपोर्ट स्टाफ, स्वयंसेवकों, अधिकारियों और उन सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इस टूर्नामेंट को सफल बनाया। मैं सभी प्रतिभागी टीमों, विशेष रूप से हमारे चैंपियन और उपविजेता खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन, खेल भावना और समर्पण के लिए बधाई देता हूं। हमें उम्मीद है कि अगले वर्ष हम ओरिएंटल कप के पांचवें संस्करण को और भी बड़े और बेहतर स्वरूप में लेकर लौटेंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान कोच सरदार सिंह ने टूर्नामेंट में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए जमीनी स्तर पर खेलों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, भारतीय खेलों का भविष्य जमीनी स्तर पर तैयार होता है। यदि युवा खिलाड़ी शुरुआती स्तर पर मजबूत बुनियाद तैयार करेंगे तो वे भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। ओरिएंटल कप में चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस ऊर्जा, जुनून और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह बेहद प्रभावशाली था। इससे स्पष्ट है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मैं फरीद बख्शी और ओरिएंटल कप के आयोजकों को इतनी शानदार पहल के लिए बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि देशभर में ऐसे और आयोजन होते रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे