एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप : जापान के खिलाफ कड़ी चुनौती के लिए तैयार भारतीय टीम

 


सूझोउ (चीन), 04 मई (हि.स.)। एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप में भारतीय टीम अब एक बड़ी परीक्षा के लिए तैयार है। ग्रुप-बी के अपने दूसरे मुकाबले में भारत का सामना मंगलवार, 5 मई को जापान से होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 5 बजे सूझोउ ताइहू फुटबॉल खेल केंद्र के मैदान पर खेला जाएगा।

भारत को अपने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद अब टीम के लिए हर गोल और गोल अंतर बेहद अहम हो गया है। टूर्नामेंट के पहले दिन जापान ने लेबनान को 13-0 से हराकर अपनी ताकत का परिचय दिया, जबकि उत्तर कोरिया ने चीनी ताइपे को 10-0 से मात दी।

कड़ी चुनौती के लिए तैयार भारत

जापान इस आयु वर्ग में दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक मानी जाती है। अब तक खेले गए नौ टूर्नामेंट में जापान सात बार फाइनल में पहुंच चुका है और चार बार खिताब जीत चुका है। भारतीय टीम की मुख्य कोच पामेला कोंटी ने कहा, “हम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक के खिलाफ खेलने जा रहे हैं। हमें जीत के लिए परफेक्ट मैच खेलना होगा, लेकिन साथ ही इस अनुभव का आनंद लेना भी जरूरी है।”

रणनीति पर फोकस

कोंटी ने साफ किया कि टीम केवल रक्षात्मक खेल नहीं खेलेगी। उन्होंने कहा, “अगर हम उन्हें बिना दबाव के खेलने देंगे तो वे आसानी से मौके बना लेंगे। हमें मजबूत रहना होगा और मैदान पर ऊंची पोजिशन लेकर खेलना होगा।”

भारत ने इस टूर्नामेंट के लिए तीन महीने तक कड़ा प्रशिक्षण किया है, जिसमें म्यांमार और रूस का दौरा भी शामिल रहा। अब टीम जापान की तेज और तकनीकी खेल शैली का सामना करने के लिए तैयार है।

खिलाड़ियों में उत्साह

टीम की राइट बैक दिव्यानी लिंडा ने कहा, “हम जापान जैसी टीम के खिलाफ खेलने को लेकर उत्साहित हैं। वे मजबूत टीम हैं, लेकिन हमें अपने प्रदर्शन पर भरोसा है।” उन्होंने यह भी माना कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम ने कुछ व्यक्तिगत गलतियां की थीं, जिन्हें सुधारना जरूरी है। दिव्यानी ने कहा, “हमें अपनी गलतियों से सीखना होगा। हमारी टीम में गुणवत्ता है, हमें बेहतर प्रदर्शन करना होगा,”

मानसिक मजबूती पर जोर

दिव्यानी ने जापान की तेज पासिंग गेम को ध्यान में रखते हुए कहा, “हमें मानसिक रूप से मजबूत रहना होगा। वे तेज और छोटे पास खेलते हैं, इसलिए हमें भी संयम के साथ खेलना होगा और गेंद को जमीन पर रखते हुए खेलना होगा।”

भारतीय युवा टीम के लिए यह मुकाबला सिर्फ परिणाम ही नहीं, बल्कि अनुभव और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी बड़ा अवसर है। टीम इस चुनौतीपूर्ण मैच में बेहतर प्रदर्शन कर जीत की राह पर लौटना चाहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे