अर्जेंटीना से हार के बाद बोले हैरी केन- यह मेरा आखिरी विश्व कप है या नहीं, कहना जल्दबाजी

 


अटलांटा, 16 जुलाई (हि.स.)। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने अर्जेंटीना के खिलाफ फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में 2-1 की हार के बाद कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह उनका आखिरी विश्व कप था या नहीं। उन्होंने माना कि एक बार फिर टीम उसी तरह हार गई, जैसी पिछले बड़े टूर्नामेंटों में हारती रही है।

इंग्लैंड ने 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद टीम रक्षात्मक हो गई। अर्जेंटीना ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए 85वें मिनट में एंजो फर्नांडेज़ के जरिए बराबरी की और फिर इंजरी टाइम में लाउटारो मार्टिनेज़ ने लियोनेल मेसी के क्रॉस पर विजयी गोल दाग दिया।

मैच के बाद केन ने कहा, मुझे लगता है कि यह वही कहानी है, जो पिछले बड़े टूर्नामेंटों में भी देखने को मिली। करीब 60 मिनट तक हमने मैच की गति पर शानदार नियंत्रण रखा। हमने गोल किया और बढ़त हासिल कर ली।

उन्होंने आगे कहा,लेकिन फिर किसी न किसी वजह से हम गेंद पर नियंत्रण बनाए नहीं रख सके। हम गेंद पर दबाव भी नहीं बना पाए, जिससे अर्जेंटीना को लगातार आक्रमण करने का मौका मिला और उसने हमारे पेनाल्टी क्षेत्र में दबाव बढ़ा दिया।

केन ने माना कि बढ़त मिलने के बाद टीम का रवैया बदल गया।

उन्होंने कहा,एक गोल की बढ़त बचाने की मानसिकता सामान्य होती है, लेकिन तब भी मुकाबले में करीब 20 मिनट बाकी थे। इतने समय में विपक्षी टीम गोल कर सकती है। हमें मैच का वीडियो देखकर समझना होगा कि ऐसी परिस्थितियों में हम क्या बेहतर कर सकते थे। पिछले चार बड़े टूर्नामेंटों में यही हमारी सबसे बड़ी कमी रही है।

अगला विश्व कप होने तक केन 36 वर्ष के हो जाएंगे। हालांकि उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला लेने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा,अभी इस बारे में बात करना बहुत जल्दबाजी होगी। मैं हर साल के हिसाब से आगे बढ़ता हूं। राष्ट्रीय टीम मेरे लिए गर्व की बात है और इससे बढ़कर मुझे कुछ भी पसंद नहीं है।

केन ने आगे कहा,अगले विश्व कप में अभी चार साल बाकी हैं। इस गर्मी में मैं 33 साल का हो जाऊंगा, लेकिन लियोनेल मेसी को देखिए, वह अभी भी सर्वोच्च स्तर पर खेल रहे हैं। मैं अपने करियर की कोई सीमा तय नहीं करना चाहता। समय आने पर जो स्थिति होगी, उसी के हिसाब से फैसला करूंगा। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान इस हार से उबरने पर है।

डैन बर्न ने भी मानी टीम की गलती

इंग्लैंड के डिफेंडर डैन बर्न ने स्वीकार किया कि बढ़त मिलने के बाद टीम जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक हो गई थी।

उन्होंने कहा,हम बेहद निराश हैं। ज्यादातर समय तक हमने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह अमल किया, लेकिन गोल करने के बाद हम बहुत निष्क्रिय हो गए और पीछे हट गए। आखिरकार हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ी।

बर्न ने आगे कहा,हमने अर्जेंटीना को जरूरत से ज्यादा मौके दिए और अगर आप इतनी मजबूत टीम को लगातार अवसर देंगे तो वह गोल जरूर करेगी। यह हमारे लिए बेहद निराशाजनक है। इससे पहले हमने ऐसे मुकाबलों में बेहतर बचाव किया है। जब आप विश्व कप फाइनल के इतने करीब पहुंचकर हारते हैं तो उसका दर्द बहुत ज्यादा होता है।

अब इंग्लैंड की टीम शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस का सामना करेगी, जबकि अर्जेंटीना रविवार को स्पेन के खिलाफ विश्व कप फाइनल खेलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे