राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल के प्रदर्शन पर मांडविया ने जताया गर्व, बोले- भारत ने बढ़ती खेल ताकत का किया प्रदर्शन
नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)।राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय दल के शानदार प्रदर्शन पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि भारत ने सीमित खेलों वाले इस संस्करण में भी अपनी बढ़ती खेल ताकत का शानदार परिचय दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का शताब्दी संस्करण भारत इतिहास के सबसे यादगार आयोजनों में से एक बनाएगा।
मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, भारत ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 का समापन शानदार चौथे स्थान के साथ किया। ग्लासगो 2026 का यह संस्करण सीमित खेलों वाला था और इसमें कई ऐसे खेल शामिल नहीं थे जिनमें भारत पारंपरिक रूप से मजबूत रहा है। इसके बावजूद भारतीय दल ने बर्मिंघम 2022 में समान खेलों में जीते गए 30 पदकों की तुलना में इस बार 39 पदक जीतकर उल्लेखनीय सुधार किया है।
उन्होंने कहा, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय खेलों की गहराई और मजबूती लगातार बढ़ रही है। तिरंगे के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने वाले हर खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ पर हमें गर्व है।
मांडविया ने आगे कहा, अब जब भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, हमारा संकल्प है कि हम खेलों के इतिहास के सबसे शानदार आयोजनों में से एक का आयोजन करें।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक अपने नाम किए। सीमित खेलों के बावजूद भारत ने मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा खेलों और भारोत्तोलन जैसे खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।
पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 70 स्वर्ण सहित कुल 171 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। मेजबान स्कॉटलैंड ने भी 39 पदक जीते, लेकिन भारत से कम रजत पदक होने के कारण उसे पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा।
11 दिनों तक चले इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत राष्ट्रमंडल देशों की प्रमुख खेल शक्तियों में शामिल है और अब उसकी नजरें अहमदाबाद 2030 में सफल मेजबानी के साथ-साथ और भी बेहतर प्रदर्शन पर टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे