भारतीय टीम में चयन सपना सच होने जैसा : यश ठाकुर

 


नई दिल्ली, 25 जुलाई (हि.स.)। भारतीय तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए पहली बार भारतीय टी20 टीम में चयन को अपने करियर का सबसे यादगार पल बताते हुए कहा कि देश के लिए खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है और भारतीय जर्सी पहनना उनके वर्षों की मेहनत का फल है।

उन्होंने भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी की भी जमकर तारीफ करते हुए उन्हें गेंदबाजों का कप्तान बताया।

विदर्भ और पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज यश ठाकुर को जिम्बाब्वे दौरे के लिए पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है। उनके साथ अशोक शर्मा को भी राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया। हालांकि यश को अभी तक भारतीय टीम से पदार्पण का मौका नहीं मिला है।

जियोस्टार से बातचीत में यश ने बताया कि उन्हें अपने चयन की जानकारी नागपुर पहुंचने पर मिली। उन्होंने कहा, मैं और मेरे विदर्भ टीम के साथी हर्ष दुबे नागपुर पहुंचे ही थे। सामान लेकर बाहर निकल रहा था कि मोबाइल पर लगातार कॉल और संदेश आने लगे। दोस्तों ने फोन कर बधाई दी और बताया कि मेरा भारतीय टीम में चयन हो गया है। पहले मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जब मैंने इंटरनेट पर देखा तो यकीन हुआ कि मेरा नाम जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुना गया है। वह एहसास शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

यश ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में हर स्तर पर मेहनत की है। अंडर-19 क्रिकेट से लेकर रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, आईपीएल, इंडिया ए और अब भारतीय टीम तक का सफर आसान नहीं रहा। हर स्तर पर चुनौतियां मिलीं, लेकिन उन्हें पार करने के बाद आज भारतीय टीम तक पहुंचना उनके लिए गर्व की बात है।

घरेलू क्रिकेट में यश का प्रदर्शन शानदार रहा है।

पिछले सत्र की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने सात मैचों में 18 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में तीसरा स्थान हासिल किया था। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 16 रन देकर पांच विकेट रहा। इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने नौ मैचों में 19 विकेट लेकर विदर्भ को पहली बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

फाइनल में सौराष्ट्र के खिलाफ भी उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी की।

श्रेयस अय्यर के साथ अपने तालमेल पर यश ने कहा कि आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेलते समय दोनों के बीच अच्छी समझ विकसित हुई।

उन्होंने कहा, श्रेयस अय्यर मेरी ताकत को अच्छी तरह जानते हैं। उन्हें पता है कि मैं पावरप्ले, मध्य ओवरों या डेथ ओवरों में कहां सबसे प्रभावी हो सकता हूं। आईपीएल के दौरान हमने कई बार मैच की रणनीतियों पर चर्चा की थी। अब भारतीय टीम में भी उनकी कप्तानी में खेलने का मौका मिल रहा है, जिससे हमारा तालमेल और मजबूत होगा।

यश ने श्रेयस की कप्तानी शैली की सराहना करते हुए कहा, वह बेहद शांत स्वभाव के कप्तान हैं। चाहे गेंदबाज रन खा रहे हों या अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, वह कभी अपना धैर्य नहीं खोते। वह गेंदबाजों पर अपने विचार नहीं थोपते, बल्कि पहले उनकी योजना पूछते हैं और फिर सुझाव देते हैं। यही कारण है कि मैं उन्हें गेंदबाजों का कप्तान मानता हूं, क्योंकि वह अपने गेंदबाजों पर पूरा भरोसा करते हैं और उन्हें खुलकर गेंदबाजी करने की आजादी देते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे