पारस डोगरा ने रचा इतिहास, 150 रणजी मैच खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी बने

 


वडोदरा, 26 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज पारस डोगरा ने घरेलू क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह रणजी ट्रॉफी में 150 मैच खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने हासिल की थी। डोगरा ने सोमवार को वडोदरा के रिलायंस स्टेडियम में बड़ौदा के खिलाफ मुकाबले के दौरान यह मुकाम हासिल किया।

डोगरा 2000 के दशक के मध्य से भारतीय घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे हैं। उन्होंने मुख्य रूप से रणजी ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसी टीमों के लिए खेलते हुए अपनी पहचान बनाई है। उनका सबसे यादगार सत्र 2012-13 रहा, जब उन्होंने हिमाचल प्रदेश की ओर से आठ मैचों में पांच शतक लगाए। इस दौरान उन्होंने लगातार तीन पारियों में शतक जड़ने का कारनामा भी किया। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम उन्हें 2013 में मिला, जब वेस्टइंडीज ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें भारत ए टीम में चुना गया।

हालांकि, डोगरा को भारत ए की ओर से केवल एक मैच खेलने का मौका मिला। उस मुकाबले में उन्हें बल्लेबाजी का सिर्फ एक अवसर मिला, जिसमें वह सात रन बनाकर निकिता मिलर की गेंद पर बोल्ड हो गए। डोगरा ने इसके बाद भी घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखा। 2015-16 के सत्र में उन्होंने त्रिपुरा और सर्विसेज के खिलाफ लगातार पारियों में दो दोहरे शतक लगाए। ये उनके करियर के छठे और सातवें दोहरे शतक थे। उन्होंने उस सत्र में 78.11 की औसत से 703 रन बनाए।

डोगरा इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेल चुके हैं। वह 2010 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से नियमित रूप से खेले और नौ मैचों में उनका सर्वोच्च स्कोर 41 रन रहा। इसके बाद 2012 में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से उन्होंने तीन मैच खेले, जबकि 2013 में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में उन्हें एक मैच खेलने का मौका मिला। वर्ष 2016 की नीलामी में गुजरात लायंस ने उन्हें उनके आधार मूल्य 10 लाख रुपये में खरीदा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे