सिद्धेश लाड, आयुष म्हात्रे की अगुआई में मुंबई की नजर 43वें रणजी खिताब पर
मुंबई, 08 अक्टूबर (हि.स.)। कप्तान सिद्धेश लाड और उपकप्तान आयुष म्हात्रे की अगुआई में युवा और जोशीली मुंबई की टीम रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबले से रणजी ट्रॉफी 2026-27 अभियान की शुरुआत करेगी। मुंबई की नजर रिकॉर्ड 43वां रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने पर है।
मुंबई क्रिकेट संघ की ओर से वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लाड और म्हात्रे ने टीम की तैयारियों, रणनीति और आगामी लाल गेंद के सत्र को लेकर अपनी महत्वाकांक्षाओं पर बात की। कप्तान लाड ने मुंबई की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि देश की सबसे सफल घरेलू टीमों में से एक का प्रतिनिधित्व करने के साथ आने वाले दबाव को स्वीकार करना जरूरी है।
लाड ने कहा, “मुंबई के समृद्ध इतिहास, हमारे द्वारा जीते गए 42 रणजी ट्रॉफी खिताब और इस टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की विरासत को देखते हुए मुंबई की जर्सी पहनने पर हमेशा दबाव रहेगा। लेकिन एक टीम के तौर पर हम इस दबाव से भागने के बजाय इसे स्वीकार करना चाहते हैं। हम मुंबई का प्रतिनिधित्व करने के साथ आने वाले इतिहास और संस्कृति को समझते हैं और सत्र का इंतजार कर रहे हैं।”
उपकप्तान बनाए गए म्हात्रे ने जिम्मेदारी संभालने और वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ काम करने के अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा, “मुंबई का उपकप्तान बनाया जाना मेरे लिए बड़ी जिम्मेदारी और बेहद गर्व का क्षण है, खासकर टीम के कद और मुंबई क्रिकेट के लिए रणजी ट्रॉफी के महत्व को देखते हुए। मुझे टीम से शानदार समर्थन मिला है और मैंने कभी महसूस नहीं किया कि युवा होने के कारण मेरे साथ अलग व्यवहार किया गया। सिद्धेश लाड ने मेरा काफी समर्थन किया है और हमेशा मुझे टीम में सहज महसूस कराया है।”
म्हात्रे ने मैदान पर शांत रहने की सीख के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, “मैंने मैदान पर शांत रहने का महत्व भी सीखा है। हमने हमेशा देखा है कि महेंद्र सिंह धोनी शांत रहते हैं और उनसे मैंने सीखा है कि गुस्सा पांच मिनट तक रह सकता है, लेकिन गुस्से में लिए गए फैसले अक्सर गलत हो सकते हैं। जब आप शांत हो जाते हैं तो बेहतर सोच सकते हैं। मैंने इसी तरीके को अपनाने, मैदान पर संयमित रहने और अपने तथा टीम के लिए बेहतर फैसले लेने की कोशिश की है।”
मुंबई की 16 सदस्यीय टीम में घरेलू क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरती युवा प्रतिभाओं का संतुलन है। यशस्वी जायसवाल, सरफराज खान और मुशीर खान जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम को अतिरिक्त मजबूती मिली है। मुंबई इस सत्र में रिकॉर्ड 43वां रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।
कप्तान लाड के पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट का व्यापक अनुभव है। उन्होंने घरेलू करियर में 5,600 से अधिक रन बनाए हैं। 2025-26 सत्र में वह मुंबई के मध्यक्रम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज रहे और दबाव की परिस्थितियों में टीम को स्थिरता प्रदान की।
वहीं 19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज आयुष म्हात्रे घरेलू क्रिकेट में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने 13 प्रथम श्रेणी मैचों में 660 रन बनाए हैं। इस साल की शुरुआत में हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर रहने के बाद उन्होंने वापसी की है और शीर्ष क्रम में उनका संयम मुंबई की बल्लेबाजी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले मुकाबले के लिए मुंबई की टीम: सिद्धेश लाड (कप्तान), आयुष म्हात्रे (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, दिव्यांश सक्सेना, मुशीर खान, सरफराज खान, सुवेद पारकर, आकाश आनंद (विकेटकीपर), हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियन, अथर्व अंकोलेकर, तुषार देशपांडे, मोहित अवस्थी, सिल्वेस्टर डी’सूजा और ओंकार तर्मले।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे