महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी में पहली बार खेलेंगी पांच पूर्ण सदस्य टीमें, 12 नवंबर से होगा आगाज

 


नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। आईसीसी महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी के दूसरे संस्करण में इस बार आठ की जगह 10 टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता 12 से 25 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात के अजमान में खेली जाएगी। पहली बार इस टूर्नामेंट में आईसीसी की पांच पूर्ण सदस्य टीमें भी हिस्सा लेंगी। यह महिला क्रिकेट के विकास और उभरती टीमों को अधिक अंतरराष्ट्रीय अवसर देने की दिशा में आईसीसी का महत्वपूर्ण कदम है।

बांग्लादेश, आयरलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और जिम्बाब्वे की टीमें इस प्रतियोगिता में शामिल होंगी। इनके अलावा सहयोगी सदस्य देशों की नीदरलैंड, पापुआ न्यू गिनी, स्कॉटलैंड, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात की टीमें भी चुनौती पेश करेंगी। सभी मुकाबले अजमान के करवान स्पोर्ट्स और सेवन डिस्ट्रिक्ट्स मैदानों पर खेले जाएंगे।

प्रतियोगिता में 10 टीमों को दो समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक समूह में पांच टीमें होंगी। शुरुआती चरण के बाद टीमें सुपर सिक्स चरण में पहुंचेंगी, जिसके बाद फाइनल खेला जाएगा। इस प्रारूप को आईसीसी की महिला क्रिकेट समिति की सिफारिश और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की समिति की मंजूरी के बाद अपनाया गया है।

दो समूहों में बंटी टीमें

समूह-ए में आयरलैंड, पापुआ न्यू गिनी, स्कॉटलैंड, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात को रखा गया है। वहीं, समूह-बी में बांग्लादेश, नीदरलैंड, पाकिस्तान, थाईलैंड और जिम्बाब्वे की टीमें शामिल हैं।

आईसीसी के महाप्रबंधक (आयोजन एवं क्रिकेट संचालन) गौरव सक्सेना ने कहा कि महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी का विस्तार 10 टीमों तक करना उभरती टीमों को अधिक प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पांच पूर्ण सदस्य और पांच सहयोगी सदस्य टीमों की भागीदारी से खिलाड़ियों को विभिन्न स्तर की टीमों के खिलाफ खेलने और उच्च प्रदर्शन वाले माहौल में अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि आईसीसी अजमान में टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण के लिए सभी टीमों का स्वागत करने को उत्सुक है।

इस प्रतियोगिता का पहला संस्करण 2025 में आयोजित हुआ था, जिसमें थाईलैंड ने घरेलू मैदान पर खिताब जीता था। थाईलैंड, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात के अंक बराबर रहे थे लेकिन बेहतर नेट रन रेट के आधार पर अंतिम स्थान तय हुए थे।

पहले संस्करण में कई खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट के बाद आईसीसी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रैंकिंग में भी कई खिलाड़ियों को फायदा हुआ। इससे उभरती टीमों को नियमित रूप से उच्च स्तर के अंतरराष्ट्रीय मुकाबले उपलब्ध कराने के महत्व को बल मिला।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे