यूपी वॉरियर्ज़ की पहली जीत के बाद बोलीं हरलीन देओल-“मैंने सिर्फ टीम के लिए योगदान देने पर ध्यान दिया”
मुंबई, 16 जनवरी (हि.स.)। यूपी वॉरियर्ज़ ने गुरुवार रात महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज करते हुए मुंबई इंडियंस को 11 गेंद शेष रहते हराया। इस मुकाबले में पहले गेंदबाज़ों के अनुशासित प्रदर्शन ने जीत की नींव रखी, जिन्होंने मुंबई इंडियंस को 20 ओवर में 5 विकेट पर 161 रन तक सीमित कर दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए यूपी वॉरियर्ज़ की जीत की सबसे बड़ी नायिका हरलीन देओल रहीं। उन्होंने 39 गेंदों में 64 रनों की संयमित और प्रभावशाली पारी खेली। हरलीन ने बेहतरीन टाइमिंग और संतुलन के साथ खासकर ऑफ साइड में आकर्षक शॉट लगाए और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
मैच के बाद हरलीन देओल ने कहा, “पहली जीत मिलना बहुत अच्छा लग रहा है और मैं टीम के लिए खुश हूं। पिछले मैच में भी मुझे लगा था कि मैं अच्छी बल्लेबाज़ी कर रही हूं, इसलिए तैयारी में ज्यादा कुछ बदलने की जरूरत नहीं थी। कभी-कभी उसी दिन सब कुछ सही हो जाता है और कुछ गेंदें बाउंड्री के लिए चली जाती हैं। पहली पारी में विकेट थोड़ा मुश्किल था, लेकिन बाद में बल्लेबाज़ी आसान हो गई। मैंने बस यही सोचा कि टीम के लिए सबसे बेहतर तरीके से योगदान दूं।”
हरलीन देओल की बल्लेबाज़ी और विकास पर बात करते हुए मुख्य कोच अभिषेक नायर ने कहा, “हरलीन के लिए हमेशा टीम पहले और खुद बाद में रहा है, और यही सोच इस टीम में भी झलकती है। मैं हमेशा उसे एक टच प्लेयर के साथ-साथ पावर हिटर के रूप में भी देखने के लिए प्रेरित करता हूं, क्योंकि हमारा उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों को अगले स्तर तक ले जाना है। वह इस सीजन में हरमनप्रीत कौर के बाद अर्धशतक लगाने वाली दूसरी भारतीय बल्लेबाज़ बनी हैं, और यही हम देखना चाहते थे।”
ड्रेसिंग रूम के माहौल पर अभिषेक नायर ने कहा, “हमारी टीम की संस्कृति जीत या हार से नहीं बदलती। कुछ मुकाबलों में हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, लेकिन क्रांति गौड़ और फोएबे लिचफील्ड जैसी खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में ऊर्जा बनाए रखती हैं। नतीजों से इतर सकारात्मक माहौल बहुत जरूरी होता है।”
नेतृत्व की अहमियत पर जोर देते हुए मुख्य कोच ने आगे कहा, “टी20 क्रिकेट में मजबूत नेतृत्व बेहद जरूरी होता है और मेग लैनिंग इस मामले में शानदार रही हैं। वह हर पहलू में सक्रिय रहती हैं, टीम की ताकत और कमजोरियों को बारीकी से समझती हैं। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, उनके नेतृत्व का असर और साफ दिखाई देगा। वह इस टीम की असली बॉस हैं।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे