एशियाई खेलों में स्वर्ण के बाद लक्ष्मण ने टीम की तैयारी और कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व को सराहा

 


नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा। शनिवार 3 अक्तूबर को निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराया। टीम के मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने जीत के बाद खिलाड़ियों की अनुकूलन क्षमता, तैयारी और कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व की जमकर सराहना की।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में लक्ष्मण ने कहा कि जापान में टीम को मौसम, यात्रा और अभ्यास के सीमित अवसरों जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन खिलाड़ियों ने फिटनेस बनाए रखने और हर उपलब्ध अभ्यास अवसर का पूरा फायदा उठाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

लक्ष्मण ने कहा, “जापान आने के समय से ही हमें मौसम, यात्रा, अच्छे अभ्यास सत्रों और तैयारी की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन एक बार भी मुझे ऐसा नहीं लगा कि टीम या टीम में शामिल कोई खिलाड़ी बड़े मुकाबले के लिए तैयार होने को लेकर उत्सुक नहीं था। मुझे लगा कि वे सभी अच्छी तरह तैयार थे। भले ही हम इंडोर थे, लेकिन सभी ने अपने फिटनेस सत्र किए और जब भी हमें मैदान पर जाकर अभ्यास करने का मौका मिला, हमने उसका इस्तेमाल किया। इसलिए कुल मिलाकर जिस तरह का परिणाम आया है, उससे मैं वास्तव में बहुत खुश हूं।”

लक्ष्मण ने टीम की अनुकूलन क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल और फाइनल में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सकारात्मक और पेशेवर रवैया बनाए रखा। उन्होंने कहा, “एक चीज जिस पर मुझे वास्तव में गर्व है, वह है खिलाड़ियों की अनुकूलन क्षमता। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों या हालात के बावजूद दोनों मैचों में उनके रवैये में एक बार भी लचीलापन नहीं आया। हम जानते हैं कि सेमीफाइनल की पिच मुश्किल थी, लेकिन उन्होंने सकारात्मक इरादा दिखाया। और फिर फाइनल में भी बल्ले और गेंद दोनों से वे बेहद पेशेवर थे।”

फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में छह विकेट पर 211 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों में 61 रन की तूफानी पारी खेली। तिलक वर्मा 22 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाकर लौटे, जबकि शिवम दुबे ने 14 गेंदों में तेज 27 रन बनाए।

212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने हसन नवाज के 51 गेंदों में 96 रन की पारी के दम पर मजबूत चुनौती पेश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में संयम बनाए रखा और पाकिस्तान को छह विकेट पर 192 रन तक रोक दिया। वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट लिए।

भारत के लिए यह लगातार दूसरा स्वर्ण पदक रहा। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक मुकाबले में श्रीलंका को हराकर क्रिकेट में भारत के लिए स्वर्ण पदकों का यादगार डबल पूरा किया।

लक्ष्मण ने भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने अय्यर को खिलाड़ियों का कप्तान बताते हुए कहा कि वह उदाहरण पेश करते हुए नेतृत्व करते हैं, तैयारी पर काफी ध्यान देते हैं, फिटनेस को प्राथमिकता देते हैं और खेल की रणनीतिक समझ रखते हैं।

लक्ष्मण ने कहा, “यह उनके कप्तानी करियर की सिर्फ शुरुआत है, लेकिन मुझे यकीन है कि वह काफी सफलता हासिल करेंगे। वह खिलाड़ियों के कप्तान हैं। वह हर किसी को बहुत सहज महसूस कराते हैं और उदाहरण पेश करते हुए नेतृत्व करते हैं, चाहे वह बल्ले से हो या मैदान पर। टीम की बैठकों से पहले भी वह विपक्षी टीम की ताकत और कमजोरियों की योजनाओं के साथ बैठते हैं। वह अपनी तैयारी के मामले में बहुत व्यवस्थित हैं। वह फिटनेस पर बहुत जोर देते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे यकीन है कि कप्तान के रूप में उनका कार्यकाल बहुत सफल रहेगा। वह खिलाड़ियों के शानदार नेतृत्वकर्ता हैं। रणनीतिक रूप से वह बहुत, बहुत समझदार और तेज हैं। वह अपनी टीम के हर खिलाड़ी की ताकत को समझते हैं और जानते हैं कि उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे कराया जाए। खासकर टी20 में आपको विपक्षी टीम से एक या दो कदम आगे रहना होता है। जिस तरह वह विपक्षी टीम की ताकत और कमजोरियों का आकलन करते हैं और अच्छी तरह तैयारी करते हैं, यह ऐसी चीज है जिससे मैं बहुत खुश हूं।”

लक्ष्मण ने कहा कि चीन और जापान में एशियाई खेलों के दोनों अभियानों में अलग-अलग चुनौतियां थीं, लेकिन खिलाड़ियों ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालकर देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।

उन्होंने कहा, “चीन और जापान में दोनों खेलों में अपनी-अपनी चुनौतियां थीं और मैं खुश हूं कि दोनों खिलाड़ियों के समूहों ने फिर से खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढाला और देश के लिए वांछित परिणाम हासिल किया। क्योंकि अंततः चीन हो या जापान, हम सभी का लक्ष्य और उद्देश्य स्वर्ण पदक जीतना था।”

लक्ष्मण ने भारी बारिश के बावजूद एशियाई खेलों के नॉकआउट मुकाबलों के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की भी सराहना की। उन्होंने चयन समिति, टीम प्रबंधन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सामूहिक प्रयासों को भी श्रेय दिया।

उन्होंने कहा, “आयोजकों को बहुत श्रेय देना चाहिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि दोनों सेमीफाइनल, दोनों फाइनल और कांस्य पदक का मुकाबला निर्बाध रूप से हो। जब से हम आयोजन स्थल पर आए, तब से जितनी बारिश हुई, उसके बावजूद दो अच्छे दिन क्रिकेट के हो सके। यह दिखाता है कि आयोजकों ने इसे सफल टूर्नामेंट बनाने के लिए बहुत मेहनत की और लगातार काम किया। चयन समिति, टीम प्रबंधन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और सबसे बढ़कर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का सामूहिक प्रयास रहा, जिसने हमें विभिन्न शिविरों, विभिन्न मार्ग और विकास कार्यक्रमों के आयोजन का अवसर दिया, जहां हम भारतीय क्रिकेट के भविष्य को तैयार कर सकते हैं।”

लक्ष्मण ने कहा कि भारत की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ और प्रतिभा की भरमार देश को बेहतर स्थिति में रखती है। उन्होंने खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने को भारतीय क्रिकेट की निरंतर प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे