अफगानिस्तान प्रीमियर लीग 27 दिसंबर से, फ्रेंचाइजी निवेश के लिए वैश्विक आवेदन आमंत्रित

 


नई दिल्ली, 12 जून (हि.स.)। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (एपीएल) का पहला सत्र इस वर्ष 27 दिसंबर से शुरू होगा। टूर्नामेंट का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में किया जाएगा और इसे अफगान क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक और खेल परियोजना माना जा रहा है।

लीग में कुल पांच फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी, जो अफगानिस्तान के प्रमुख क्रिकेट क्षेत्रों काबुल, कंधार, बल्ख, पक्तिया और नंगरहार का प्रतिनिधित्व करेंगी।

एसीबी ने दुनिया भर के निवेशकों, खेल उद्यमियों और व्यावसायिक भागीदारों को फ्रेंचाइजी स्वामित्व प्रक्रिया में भाग लेने का आमंत्रण दिया है। इच्छुक पक्षों को अपने प्रस्ताव 30 जून तक जमा करने होंगे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अफगानिस्तान का उभार हाल के वर्षों में सबसे उल्लेखनीय कहानियों में से एक रहा है। राष्ट्रीय टीम ने वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई है, जबकि अफगान खिलाड़ी दुनिया की प्रमुख टी20 लीगों में लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं।

एसीबी का मानना है कि यह लीग केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं होगी, बल्कि अफगान क्रिकेट को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने का माध्यम बनेगी। शुरुआती चरण में निवेश करने वाले फ्रेंचाइजी मालिकों को अपनी टीम की पहचान बनाने, व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने और लंबे समय तक मजबूत प्रशंसक आधार तैयार करने का अवसर मिलेगा।

सिर्फ पांच फ्रेंचाइजी उपलब्ध होने के कारण निवेश के अवसर सीमित हैं और शुरुआती निवेशकों को भविष्य की दिशा तय करने का मौका मिलेगा।

यूएई में आयोजन होने से लीग को विश्वस्तरीय स्टेडियम, प्रसारण सुविधाएं, पेशेवर उत्पादन और बड़े क्षेत्रीय दर्शक वर्ग का लाभ मिलेगा। साथ ही अफगानिस्तान की उभरती क्रिकेट प्रतिभा और विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी लीग को प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाएगी।

एसीबी अध्यक्ष मिरवाइस अशरफ ने कहा, “अफगानिस्तान प्रीमियर लीग अफगान क्रिकेट के लिए एक रणनीतिक कदम है। हमारा लक्ष्य एक स्थायी और वैश्विक स्तर पर पहचानी जाने वाली क्रिकेट संपत्ति तैयार करना है, जो अफगान प्रतिभा को मंच दे, अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करे और खेल के दीर्घकालिक विकास में योगदान दे।”

एसीबी का उद्देश्य इस लीग के जरिए अफगान खिलाड़ियों के लिए नए अवसर पैदा करना, देश की क्रिकेट संरचना को मजबूत करना और अफगान संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे