वेस्टइंडीज के मौजूदा कप्तानों ने सोबर्स को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी

 


नई दिल्ली, 18 जुलाई (हि.स.)।

वेस्टइंडीज क्रिकेट के मौजूदा कप्तानों रोस्टन चेज (टेस्ट), शाई होप (टी20 और वनडे) और हेले मैथ्यूज (महिला टीम) ने महान क्रिकेटर सर गारफील्ड (सर गैरी) सोबर्स के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा, विनम्रता और खेल के प्रति समर्पण ने ऐसा मानदंड स्थापित किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

क्रिकेट वेस्टइंडीज द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किए गए संयुक्त बयान में कप्तानों ने कहा, वेस्टइंडीज क्रिकेट की कप्तानी करते हुए हम उस जिम्मेदारी को समझते हैं, जो उन महान खिलाड़ियों की विरासत को आगे बढ़ाने के साथ आती है जिन्होंने इस गौरवशाली इतिहास की नींव रखी। सर गैरी की प्रतिभा, उनकी विनम्रता और खेल के प्रति समर्पण ने ऐसा मानक स्थापित किया है, जो हर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा।

उन्होंने आगे कहा, हम उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। हम ऐसे महान व्यक्तित्व के जीवन का सम्मान करते हैं, जिन्होंने सीमाओं से परे जाकर अपनी पहचान बनाई। उनकी विरासत क्रिकेट के इतिहास, कैरेबियाई भावना और इस खेल से प्रेम करने वाले हर व्यक्ति के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।

क्रिकेट वेस्टइंडीज ने वीडियो से दी श्रद्धांजलि

क्रिकेट वेस्टइंडीज ने एक अन्य इंस्टाग्राम पोस्ट में सर गारफील्ड सोबर्स को श्रद्धांजलि देते हुए एक भावुक वीडियो साझा किया।

पोस्ट के साथ लिखा गया, उस महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि, जिसने हम सभी को प्रेरित किया। शांति से विश्राम करें, सर गैरी।

89 वर्ष की आयु में हुआ निधन

वेस्टइंडीज के महानतम खिलाड़ियों में शुमार सर गारफील्ड सोबर्स का 17 जुलाई 2026 को 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस के सेंट माइकल स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके बेटे डैनियल सोबर्स के अनुसार, उन्होंने शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और सांस लेने में तकलीफ बढ़ने के कारण उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था।

क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में शामिल

सर गारफील्ड सोबर्स ने 1954 से 1974 के बीच वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उन्होंने 235 विकेट भी हासिल किए।

1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 365 रन की पारी उस समय टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर थी, जो 36 वर्षों तक विश्व रिकॉर्ड रहा।

वर्ष 1968 में उन्होंने नॉटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए ग्लैमॉर्गन के मैल्कम नैश के एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले बल्लेबाज बनने का गौरव भी प्राप्त किया।

क्रिकेट में उनके अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 1975 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उन्हें 'नाइटहुड' से सम्मानित किया। वर्ष 2000 में उन्हें विजडन ने 20वीं सदी के पांच महानतम क्रिकेटरों में शामिल किया।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर को दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी पुरस्कार आज भी उनकी महान विरासत का प्रतीक है।

सर गारफील्ड सोबर्स के निधन के बाद दुनिया भर के क्रिकेटरों और खेल जगत की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे