एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत ने 16 पदकों के साथ अभियान समाप्त किया

 


- विश्वनाथ सुरेश ने जापान के दाइची इवाई को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (हि.स.)। एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक अपने नाम किए। पुरुषों के 50 किलोग्राम वर्ग में विश्वनाथ सुरेश ने जापान के दाइची इवाई को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस संस्करण में स्वर्ण जीतने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने।

भारत पदक तालिका में पांच स्वर्ण पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कजाखस्तान एक स्वर्ण अधिक के साथ शीर्ष पर रहा। हालांकि, कुल पदकों के मामले में भारत सबसे आगे रहा।

पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में सचिन सिवाच को कजाखस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन ओराज़बेक असिलकुलोव से 2-3 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा हर्ष चौधरी (90 किग्रा), आकाश (75 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा) और नरेंद्र (+90 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते।

महिला वर्ग में भारत की सभी 10 मुक्केबाजों ने पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। जैस्मीन लांबोरिया (57 किग्रा) और अल्फिया पठान (+80 किग्रा) ने रजत पदक जीते, जबकि निकहत जरीन (51 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और पूजा रानी (80 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए।

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय मुक्केबाजी के लिए बेहद शानदार रहा, खासकर महिला मुक्केबाजों ने चार स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने युवा प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे