डेनमार्क ओपन में मौजूदा चैंपियन आन से यंग से भिड़ेंगी सिंधु, पुरुष एकल में लक्ष्य सेन का चाउ तिएन चेन से होगा मुकाबला

 




- ओडेंस में मंगलवार से शुरू होगा सुपर 750 टूर्नामेंट

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु डेनमार्क ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के पहले दौर में विश्व नंबर एक और मौजूदा चैंपियन आन से यंग से भिड़ेंगी। मंगलवार से शुरू होने वाले नौ लाख 50 हजार अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि वाले सुपर 750 टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के सामने कड़ी चुनौती होगी। पुरुष एकल में लक्ष्य सेन का सामना तीसरी वरीयता प्राप्त चाउ तिएन चेन से होगा।

पूर्व विश्व चैंपियन सिंधु हाल के दिनों में मिले-जुले प्रदर्शन के बाद डेनमार्क पहुंची हैं। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था, जबकि पिछले सप्ताह आर्कटिक ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं। वहां उन्हें थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।

हालांकि, आन से यंग के खिलाफ सिंधु का पिछला रिकॉर्ड चिंता बढ़ाने वाला है। भारतीय खिलाड़ी दक्षिण कोरिया की इस स्टार शटलर के खिलाफ अपने पिछले सभी 10 मुकाबले हार चुकी हैं। ऐसे में पहले दौर में ही उन्हें कठिन परीक्षा से गुजरना होगा।

लक्ष्य सेन के सामने भी कड़ी परीक्षा

पुरुष एकल में लक्ष्य सेन एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करना चाहेंगे। पिछले दो वर्षों में उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इस साल उन्होंने दूसरी बार ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले वह 2022 में भी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचे थे।

लक्ष्य 2024 पेरिस ओलंपिक में पुरुष एकल के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी भी हैं। हालांकि, हाल के दिनों में पीठ की चोट ने उनकी तैयारियों को प्रभावित किया है। उन्होंने एशियाई खेलों की पुरुष टीम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जापान के कोडाई नाराओका को हराया था, लेकिन व्यक्तिगत स्पर्धा के पहले ही दौर में बाहर हो गए थे। अब उन्हें चाउ तिएन चेन के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। चाउ ने एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी को तीन गेम के मुकाबले में हराया था।

आयुष शेट्टी और श्रीकांत पर भी नजरें

आयुष शेट्टी अपनी हालिया सफलताओं को आगे बढ़ाने के इरादे से उतरेंगे। उन्होंने 2025 में अमेरिकी ओपन सुपर 300 का खिताब जीता था। इस साल विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने उस समय के विश्व नंबर एक चीन के शी यु ची को हराकर सबका ध्यान खींचा था। डेनमार्क ओपन के पहले दौर में उनका सामना इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से होगा। विश्व चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में फरहान ने आयुष को हराया था।

2017 में डेनमार्क ओपन का पुरुष एकल खिताब जीतने वाले किदांबी श्रीकांत इस बार फ्रांस के अर्नॉ मेरकल के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।

महिला एकल में भारत की चुनौती तन्वी शर्मा, अश्मिता चालिहा, देविका सिहाग और उन्नति हुड्डा संभालेंगी। तन्वी पहले दौर में जापान की नात्सुकी निदाइरा से भिड़ेंगी। उन्होंने अगस्त में ताइपे ओपन जीतकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब हासिल किया था।

अश्मिता का मुकाबला बुल्गारिया की कलोयाना नलबंतोवा से होगा। अश्मिता भी अगस्त में कोरिया मास्टर्स सुपर 300 का खिताब जीतकर इस टूर्नामेंट में उतर रही हैं। देविका के सामने आठवीं वरीयता प्राप्त थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग होंगी, जबकि उन्नति की भिड़ंत चीन की हान चियान शी से होगी।

उन्नति ने पिछले महीने एशियाई खेलों में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने शीर्ष 10 में शामिल एक खिलाड़ी को हराया और जापान की अकाने यामागुची को तीन गेम तक कड़ी टक्कर दी थी।

सात्विक-चिराग और त्रिसा-गायत्री से उम्मीदें

पुरुष युगल में पूर्व विश्व नंबर एक भारतीय जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी एशियाई खेलों में पहले दौर से बाहर होने के बाद वापसी करना चाहेंगे। भारतीय जोड़ी ने मई में सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीतकर दो साल से चले आ रहे खिताबी इंतजार को खत्म किया था। इसके बाद पिछले महीने चीन मास्टर्स का खिताब भी अपने नाम किया।

पांचवीं वरीयता प्राप्त सात्विक-चिराग पहले दौर में चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू से भिड़ेंगे।

महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद भारत की प्रमुख चुनौती होंगी। इस जोड़ी ने अगस्त में विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था। एशियाई खेलों में भी वे क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं, जहां उन्हें मलेशिया की पर्ली तान और थिनाह मुरलीधरन से हार मिली थी। डेनमार्क ओपन के पहले दौर में उनका सामना चीनी ताइपे की यान फेई चेन और ह्सिएह पेई शान से होगा।

रुतपर्णा पांडा और श्वेतपर्णा पांडा की भारतीय जोड़ी भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। पहले दौर में उसका सामना चीन की छठी वरीयता प्राप्त बाओ ली जिंग और काओ जि हान से होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे