एशियाई पैरा खेल : प्रीति पाल ने 100 मीटर दौड़ में भी जीता रजत, इन खेलों का दूसरा पदक किया हासिल
चीन की झोउ शिया ने जीता स्वर्ण, प्रीति ने 13.98 सेकंड में पूरी की दौड़
आइची-नागोया, 21 अक्टूबर (हि.स.)। भारत की पैरा धाविका प्रीति पाल ने आइची-नागोया एशियाई पैरा खेल-2026 में महिलाओं की 100 मीटर टी-35 दौड़ में रजत पदक जीता। उन्होंने 13.98 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की झोउ शिया ने 13.57 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इराक की फातिमा सुवैद 14.68 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं और कांस्य पदक अपने नाम किया।
प्रीति का इन खेलों में यह दूसरा रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने मंगलवार को महिलाओं की 200 मीटर टी-35 स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। उस मुकाबले में उन्होंने 29.53 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया था। चीन की झोउ शिया ने 28.03 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रहने वाली प्रीति समन्वय संबंधी दिव्यांगता के कारण टी-35 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं। जन्म के समय उनके शरीर के निचले हिस्से पर प्लास्टर चढ़ाना पड़ा था। पैरों में कमजोरी और असामान्य बनावट के कारण उन्हें बचपन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आठ वर्षों तक कैलिपर्स का इस्तेमाल किया, लेकिन कठिनाइयों के बावजूद खेलों में आगे बढ़ने का संकल्प बनाए रखा।
17 वर्ष की उम्र में पैरालंपिक खेलों को देखने के बाद प्रीति को पैरा एथलेटिक्स में करियर बनाने की प्रेरणा मिली। वर्ष 2018 में राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया। वर्ष 2022 के एशियाई पैरा खेलों में वह 100 और 200 मीटर दौड़ में चौथे स्थान पर रही थीं।
प्रीति ने पेरिस पैरालंपिक-2024 में महिलाओं की 100 और 200 मीटर स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते थे। इसके अलावा, वर्ष 2025 की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया। वर्ष 2026 में नई दिल्ली ग्रां प्री और भारतीय ओपन प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे