नवदीप ने कांस्य जीतने का श्रेय जेएलएन स्टेडियम को दिया, कहा- यहां अभ्यास का फायदा मिला
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नवदीप सिंह ने आइची-नागोया पैरा एशियाई खेल-2026 में कांस्य पदक जीतने के बाद अपनी सफलता का श्रेय नई दिल्ली स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मिली अभ्यास सुविधाओं को भी दिया। उन्होंने कहा कि साथी खिलाड़ियों के साथ स्टेडियम के मुख्य ट्रैक पर अभ्यास करने से उन्हें प्रतियोगिता के माहौल के अनुकूल ढलने में मदद मिली।
भारत ने पैरा एशियाई खेल-2026 में 114 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय खिलाड़ियों ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक अपने नाम किए। इनमें पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों का योगदान सबसे अधिक रहा, जिन्होंने 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य सहित कुल 65 पदक जीते।
नवदीप ने शुक्रवार को पुरुषों की भाला फेंक एफ-40/एफ-41 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने पिछले संस्करण में चौथा स्थान प्राप्त किया था। इस बार पदक जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया। पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नवदीप ने कहा कि एशियाई खेलों से पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करने का अवसर काफी उपयोगी रहा।
उन्होंने साई मीडिया से कहा, “एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले हममें से अधिकांश खिलाड़ियों ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में तैयारी की थी। इससे हमें वहां के वातावरण के अनुकूल होने और प्रतियोगिता का अनुभव हासिल करने में मदद मिली। उस समय इंडियन सुपर लीग के फुटबॉल मुकाबले भी चल रहे थे, लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों के अभ्यास को प्राथमिकता दी गई। यह काफी प्रभावशाली था और इससे मुझे बहुत सहयोग मिला।”
नवदीप ने स्टेडियम के मुख्य ट्रैक पर बिना किसी बाधा के अभ्यास करने की सुविधा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि धावकों को अभ्यास के लिए खाली ट्रैक की आवश्यकता होती है। वहीं, भाला फेंक जैसे खेलों में खिलाड़ियों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में उन्हें इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने कहा, “मैं मुख्य रूप से भारतीय खेल प्राधिकरण के बेंगलुरु, सोनीपत और गांधीनगर स्थित क्षेत्रीय केंद्रों में अभ्यास करता हूं। वहां भीड़ कम रहती है और मुझे दूसरे खिलाड़ियों के भाला फेंकने का इंतजार नहीं करना पड़ता। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भी ऐसी ही सुविधा मिली। इससे मैं अपनी बारी और अभ्यास की व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय पूरी तरह अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सका।” नवदीप ने अगले सत्र में भी यहां अभ्यास के लिए लौटने की उम्मीद जताई।
स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने जीते कई पदक
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करने वाले भारतीय पैरा एथलीटों ने आइची-नागोया में शानदार प्रदर्शन किया। प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी-64, संदीप कुमार ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ टी-64 और प्रणव सूरमा ने पुरुषों की क्लब थ्रो एफ-51 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। संदीप ने 400 मीटर दौड़ में विश्व रिकॉर्ड भी बनाया।
रिंकू हुड्डा ने पुरुषों की भाला फेंक एफ-46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर और 200 मीटर टी-12 दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के साथ दोनों स्पर्धाओं में खेलों के रिकॉर्ड भी बनाए।
रजत पदक विजेताओं में पुरुषों की भाला फेंक एफ-12/एफ-13 में मनजीत, महिलाओं की लंबी कूद टी-47 में निमिषा चक्कुंगलपरंबिल, पुरुषों की ऊंची कूद टी-63 में वरुण सिंह भाटी, महिलाओं की 100 मीटर और 200 मीटर टी-35 दौड़ में प्रीति पाल तथा पुरुषों की भाला फेंक एफ-46 में अजीत सिंह यादव शामिल रहे।
संदीप कुमार ने पुरुषों की 100 मीटर टी-44 दौड़ में, संदीप संजय सरगर ने भाला फेंक की संयुक्त वर्ग स्पर्धा में, नवदीप सिंह ने पुरुषों की भाला फेंक एफ-40/एफ-41 में और अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर टी-35 दौड़ में कांस्य पदक जीते।
भारतीय खेल प्राधिकरण के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में इन पदक विजेताओं के अलावा 50 से अधिक पैरा एथलीट भी अभ्यास करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे