एशियन पैरा खेल 2026 का भव्य समापन, 114 पदकों के साथ भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
साल 2030 में दोहा में अगले एशियाई पैरा खेल आयोजित किए जाएंगेनिशाद कुमार और मोना अग्रवाल ने संभाली ध्वजवाहक की जिम्मेदारी
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (हि.स.)। जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियाई पैरा खेल-2026 का शनिवार को भव्य समारोह के साथ समापन हो गया। भारत ने इन खेलों में अपना अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते। भारतीय खिलाड़ियों ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
दोहरे स्वर्ण पदक विजेता निशाद कुमार और मोना अग्रवाल समापन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक रहे। नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह में खेल, संस्कृति और समावेशिता का शानदार संगम देखने को मिला। समारोह की मुख्य विषयवस्तु ‘इमैजिन वन हार्ट’ यानी ‘एक दिल की कल्पना’ रही। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि खेल शारीरिक अक्षमताओं से परे सभी देशों और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की ताकत रखते हैं।
समारोह में पारंपरिक जापानी कला और आधुनिक तकनीक से सजे दृश्य प्रस्तुत किए गए। स्थानीय संगीतकारों और व्हीलचेयर नर्तकों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया और एक सप्ताह तक चली प्रतियोगिता की यादों को साझा किया।
चीन शीर्ष पर, जापान दूसरे स्थान पर
पदक तालिका में चीन ने 207 स्वर्ण सहित कुल 435 पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। मेजबान जापान 64 स्वर्ण, 60 रजत और 62 कांस्य सहित 186 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उज्बेकिस्तान ने 45 स्वर्ण सहित कुल 145 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया। भारत 114 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि इस बार देश ने पिछले संस्करण की तुलना में छोटे दल के साथ हिस्सा लिया था। आइची-नागोया खेलों में भारत के 168 पैरा खिलाड़ियों ने चुनौती पेश की, जबकि 2022 में हांगझोऊ में आयोजित पिछले संस्करण में 309 भारतीय खिलाड़ी शामिल हुए थे।
राष्ट्रपति ने दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय दल के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, दृढ़ता और आत्मविश्वास का परिणाम है।
इन खेलों के पांचवें संस्करण में 45 देशों और क्षेत्रों के लगभग चार हजार खिलाड़ी एवं अधिकारी शामिल हुए। सात दिनों तक चली प्रतियोगिता में 18 खेलों की स्पर्धाएं आयोजित की गईं। इस दौरान 20 से अधिक विश्व रिकॉर्ड बनने की भी जानकारी सामने आई।
समापन समारोह में एशियाई पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष माजिद राशिद ने खेलों के समापन की घोषणा की। समारोह में पैरा खेलों के माध्यम से समाज में समावेशिता और समान अवसरों को बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया गया। अंत में एशियाई पैरालंपिक समिति का ध्वज अगले मेजबान कतर के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। कतर के दोहा में साल 2030 में अगले एशियाई पैरा खेल आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही खेलों की मशाल बुझाकर प्रतियोगिता को विदाई दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे