भारतीय महिला रिकर्व टीम ने तोड़ा कोरिया का 44 साल का दबदबा, कीर्ति ने कहा-हमने भावनाओं पर काबू रखा
नई दिल्ली, 03 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियाई खेल 2026 में इतिहास रचते हुए शुक्रवार को दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कीर्ति शर्मा, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड की तिकड़ी ने इस जीत के साथ एशियाई खेलों में दक्षिण कोरिया के 44 साल से चले आ रहे दबदबे को समाप्त किया। भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में मजबूत चीन को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
दक्षिण कोरिया और चीन के तीरंदाजों की दबाव में भी शांत और बेहद सटीक प्रदर्शन के लिए पहचान रही है, लेकिन भारतीय टीम ने इस मुकाबले में उसी अंदाज में जवाब दिया। फाइनल के तनावपूर्ण पलों को याद करते हुए कीर्ति शर्मा ने कहा कि मानसिक मजबूती ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) मीडिया से बातचीत में कीर्ति ने कहा, हम अपने विरोधियों के बारे में नहीं सोच रहे थे। हमारा पूरा ध्यान अपने प्रदर्शन और उस प्रक्रिया पर था, जिसे हमने प्रशिक्षण के दौरान अपनाया था। हम तीनों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना था और एक-दूसरे पर भरोसा करना था। हमने नतीजे के बारे में नहीं सोचा और अपना 100 प्रतिशत देने पर ध्यान दिया।
हरियाणा की रहने वाली कीर्ति ने कहा कि खिताबी मुकाबले में उन्हें हरियाणवी जुझारूपन का भी पूरा इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने कहा, हम जानते थे कि अगर हमसे छोटी सी भी गलती होती है तो हमारी प्रतिद्वंद्वी टीम मुकाबला अपने पक्ष में कर सकती है। लेकिन हम मजबूती से डटे रहे और पहले तीर से लेकर आखिरी तीर तक अपनी तीव्रता बरकरार रखी।
हजारीबाग स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र में कोच उधम सिंह के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली कीर्ति ने कहा कि भारत के कंपाउंड तीरंदाजों की शानदार सफलता ने रिकर्व टीम को चीन और दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुश्किल मुकाबलों से पहले काफी प्रेरित किया।
उन्होंने कहा, कंपाउंड स्पर्धाओं के बाद हमारा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया था। जिस दिन हमने लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते, वह भारत के लिए भाग्यशाली दिन था। इससे हमें काफी प्रेरणा मिली। हम भी उनकी उपलब्धि को दोहराना चाहते थे।
कीर्ति ने कहा, हम मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार थे और अपनी स्पर्धा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
एशियाई खेलों में भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने इससे पहले पुरुष टीम, महिला टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। इसके बाद महिला रिकर्व टीम ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए तीरंदाजी में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे