एशियाई पैरा खेल: निरंजन मुकुंदन ने तैराकी में जीता कांस्य पदक

 


आइची-नागोया, 20 अक्टूबर (हि.स.)। भारत के निरंजन मुकुंदन ने पांचवें एशियाई पैरा खेल-2026 में तैराकी की पुरुषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम-7 स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया। निरंजन ने फाइनल में 2 मिनट 57.01 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसी स्पर्धा में भारत के सुयश नारायण जाधव 3 मिनट 03.40 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे।

चीन के झांग यिलोंग ने 2 मिनट 37.69 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। फिलीपींस के अर्नी ग्विलन ने 2 मिनट 52.72 सेकंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया।

कर्नाटक के बेंगलुरु निवासी निरंजन मुकुंदन का जन्म रीढ़ की हड्डी के अपूर्ण विकास और पैरों में विकृति के साथ हुआ था। पांच वर्ष की उम्र तक वह कमर के नीचे के हिस्से में लकवे से प्रभावित रहे। जीवन में अब तक उनकी 19 सुधारात्मक सर्जरी हो चुकी हैं। वर्ष 2003 में पैर की बड़ी सर्जरी के बाद चिकित्सकों ने शारीरिक मजबूती के लिए उन्हें तैराकी या घुड़सवारी अपनाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने तैराकी शुरू की और जल्द ही प्रतिस्पर्धात्मक पैरा तैराकी में अपनी पहचान बनाई।

निरंजन ने वर्ष 2003-04 की जूनियर राष्ट्रीय पैरा तैराकी चैंपियनशिप में 50 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 2015 के आईडब्ल्यूएएस जूनियर विश्व खेलों में उन्होंने सात स्वर्ण और तीन रजत सहित कुल 10 पदक जीते। वह टोक्यो पैरालंपिक-2020 में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके नाम कई एशियाई रिकॉर्ड दर्ज हैं और वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 100 से अधिक पदक जीत चुके हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे