शौने मिलर-उइबो की नजर 400 मीटर के विश्व रिकॉर्ड पर, लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए कसी कमर

 


नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हि.स.)। दो बार की ओलंपिक चैंपियन बहामास की धाविका शौने मिलर-उइबो ने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड तोड़ने को अपना अगला बड़ा लक्ष्य बनाया है। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा में लगभग सभी प्रमुख खिताब जीतने के बाद अब वह अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाना चाहती हैं। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों में जुटीं मिलर-उइबो ने हालांकि अभी यह तय नहीं किया है कि वह अगले ओलंपिक में 200 मीटर या 400 मीटर में से किस स्पर्धा में उतरेंगी।

वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 की अंतरराष्ट्रीय इवेंट एंबेसडर मिलर-उइबो ने रविवार, 18 अक्टूबर को होने वाली दौड़ से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपने लक्ष्यों और खेल में वापसी के अनुभव साझा किए। वह भारत की अपनी पहली यात्रा पर आई हैं और आयोजन के दौरान धावकों का उत्साह बढ़ाएंगी।

मिलर-उइबो ने कहा, “मैं 400 मीटर में लगभग हर वह खिताब जीत चुकी हूं, जिसे हासिल किया जा सकता है। अब नए लक्ष्य तय करने का समय है। मैं विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश करना चाहती हूं। पिछले कुछ वर्षों में महिला धाविकाओं ने 48 सेकंड से कम समय में दौड़ पूरी की है। मुझे भरोसा है कि मैं भी ऐसा कर सकती हूं। जब हम लगातार एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हैं, तो इससे सभी को बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।”

महिलाओं को दौड़ से जोड़ने पर जोर

दिल्ली हाफ मैराथन के महत्व पर उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदायों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम भी है। इसमें लोग सामाजिक कार्यों का समर्थन करने और अपनी फिटनेस को चुनौती देने के लिए भाग लेते हैं।

मिलर-उइबो ने प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या और खासकर महिलाओं की भागीदारी में हो रही वृद्धि पर खुशी जताई। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि इस साल का आयोजन और अधिक महिलाओं को खेल से जुड़ने तथा अपने सपनों की दिशा में पहला कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।

लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के बारे में मिलर-उइबो ने कहा कि वह इस बार केवल एक स्पर्धा में हिस्सा लेने की योजना बना रही हैं। 200 मीटर में ओलंपिक पदक जीतना उनका पुराना सपना है, जबकि 400 मीटर में लगातार तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि भी उन्हें आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि दोनों विकल्पों पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

हाफ मैराथन में हिस्सा लेने वाले धावकों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की दौड़ के लिए शारीरिक क्षमता के साथ मजबूत मानसिकता और दृढ़ इच्छाशक्ति भी जरूरी है। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को संदेश दिया कि सफलता के लिए धैर्य, निरंतर अभ्यास और खुद पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। चोट और असफलताएं खेल का हिस्सा हैं, लेकिन उनसे उबरकर शानदार वापसी भी की जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय