नई दिल्ली में शुरू हुआ आईएसएसएफ शॉटगन रेफरी कोर्स, शूटरों को मिलेगा तकनीकी मजबूती का नया आधार

 




नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने देश में निशानेबाजी के तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार से पांच दिवसीय आईएसएसएफ शॉटगन रेफरी कोर्स का शुभारंभ किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 03 से 07 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के योग्य तकनीकी अधिकारियों और मैच रेफरी तैयार करना है।

कोर्स का संचालन अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ (आईएसएसएफ) द्वारा नामित बहरीन के नूरुद्दीन अलयासी कर रहे हैं, जबकि भारत के अमर जंग सिंह सह-प्रशिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रशिक्षण में भारत, सऊदी अरब और श्रीलंका के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी अनुभवों और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

उद्घाटन सत्र में एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह और सचिव राजीव कुमार भाटिया ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

एनआरएआई के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि भारत में आईएसएसएफ शॉटगन रेफरी कोर्स का आयोजन देश की तकनीकी क्षमता को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमाणित मैच अधिकारियों की उपलब्धता भी खेल की प्रगति के लिए उतनी ही आवश्यक है।

महासचिव पवन कुमार सिंह ने बताया कि देश में लंबे समय से प्रशिक्षित शॉटगन रेफरी की कमी रही है, जिसके कारण कई घरेलू प्रतियोगिताओं में भी विदेशी अधिकारियों की सहायता लेनी पड़ती थी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों में योग्य रेफरी तैयार करेगा, जो जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस कोर्स में प्रतिभागियों को आईएसएसएफ के नवीनतम शॉटगन नियमों, प्रतियोगिता संचालन, रेंज प्रबंधन, रेफरी की जिम्मेदारियों, सुरक्षा मानकों तथा उच्चस्तरीय मुकाबलों में निर्णय लेने की प्रक्रिया का सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय