आईपीएल की तर्ज पर एमपीएल की नीलामी, सबसे महंगे 15 लाख में बिके आशुतोष शर्मा
इंदौर, 31 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल) के आगामी सीजन के लिए मंगलवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में खिलाड़ियों की नीलामी हुई। आईपीएल की दर्ज पर हुई इस नीलामी में आशुतोष शर्मा सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उन्हें मालवा स्टेलियंस ने 15 लाख रुपये में खरीदा है।
वहीं, दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपये कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपये में खरीदा। शिवांग कुमार को बुंदेलखंड बुल्स ने 13 लाख कीमत देकर अपनी टीम में शामिल किया है। वहीं, आवेश खान को चंबल घड़ियाल ने 8.20 लाख और शिवम शुक्ला को इंदौर पिंक पैंथर ने 6.60 लाख रुपये में खरीदा है।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ऑक्शनियर चारू शर्मा ने नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। नीलामी में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महानआर्यमान सिंधिया भी मौजूद रहे। इस नीलामी में सबसे पहले फ्रेंचाइजी टीमों की जानकारी दी गई। बताया गया कि पिछले संस्करण की सात टीमों ने अपने एक-एक आईकॉन खिलाड़ी को रिटेन किया है। इनमें सबसे महंगे वेंकटेश अय्यर हैं, जिन्हें पिंक पैंथर्स टीम ने 12 लाख 50 हजार रुपये में रिटेन किया। वे आरसीबी में रजत पाटीदार की कप्तानी में खेलते हैं, लेकिन रजत को ग्वालियर चीताज ने सात लाख रुपये में रिटेन किया है। उनसे महंगे अरशद खान हैं, जिन्हें भोपाल लेपर्ड्स ने आठ लाख रुपये में रिटेन किया है।
नीलामी में कुमार कार्तिकेय को 10.20 लाख रुपये में रॉयल निमाड़ ईगल्स, मंगेश यादव को 12 लाख रुपये में ग्वालियर चीताज, उज्जैन फाल्कन ने माधव तिवारी को 10.60 लाख, रॉयल निमाड़ ईगल्स ने सारांश जैन को 9.60 लाख और रीवा के कुलदीप सेन को 7 लाख में बुंदेलखंड बुल्स ने खरीदा।
हर फ्रेंचाइजी को 50 लाख रुपए का पर्स
एमपीएल की इस नीलामी में शामिल सभी फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स आवंटित किया गया था। इस नीलामी प्रक्रिया में कुल 244 खिलाड़ियों ने अपनी किस्मत आजमाई। टूर्नामेंट के शेड्यूल की बात करें तो जून 2026 में इसके मुकाबले इंदौर और ग्वालियर के मैदानों पर खेले जाएंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह टूर्नामेंट प्रदेश के बेहतरीन टेलेंट को देखने का एक बड़ा मंच साबित होगा।
उम्र सीमा के लिए बीसीसीआई ने बनाई नीति
इस बार एमपीएल में खिलाड़ियों की उम्र को लेकर एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को इस टी-20 टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं दी गई है। बोर्ड की नीति के अनुसार, छोटी उम्र के खिलाड़ियों के लिए टी-20 प्रारूप को हतोत्साहित किया जाता है ताकि वे रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट और प्रथम श्रेणी मैचों जैसे लंबे प्रारूपों के प्रति अधिक गंभीर और केंद्रित रह सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर