हॉकी विश्वकप में सेमीफाइनल के लिए भारत को अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना जरूरी

 


एम्स्टेलवीन (नीडरलैंड), 23 अगस्त (हि.स.)। एफआईएच हॉकी विश्व कप-2026 में भारतीय पुरुष टीम की सेमीफाइनल की उम्मीदें अब जटिल समीकरणों पर टिकी हैं। दूसरे चरण के मुकाबले में मौजूदा चैंपियन और मेजबान नीदरलैंड्स के हाथों 1-3 की हार के बाद भारत के खाते में कोई अंक नहीं है। ऐसे में सोमवार को एम्स्टेलवीन के वैगनर स्टेडियम में अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाला मुकाबला भारतीय टीम के लिए करो या मरो का बन गया है।

भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि दूसरे चरण के मुकाबले के नतीजे पर भी निर्भर रहना होगा। पूल ई में नीदरलैंड्स छह अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि अर्जेंटीना और इंग्लैंड के खाते में तीन-तीन अंक हैं। अर्जेंटीना ने अपने पिछले मुकाबले में इंग्लैंड को 3-1 से हराया था। भारत शून्य अंक और -4 के गोल अंतर के साथ सबसे निचले स्थान पर है। सोमवार को मुकाबले में इंग्लैंड का सामना नीदरलैंड्स से होगा। ऐसे में यदि भारत अर्जेंटीना को हरा देता है, तो सेमीफाइनल का टिकट गोल अंतर के आधार पर तय हो सकता है।

हॉकी इंडिया के अनुसार भारत को शीर्ष दो में जगह बनाने और सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। यदि भारत अर्जेंटीना को तीन गोल के अंतर से हराता है, तो उसका गोल अंतर -1 और अर्जेंटीना का -3 हो जाएगा। ऐसी स्थिति में दोनों टीमों के तीन-तीन अंक होंगे।

इसके साथ ही भारत को उम्मीद करनी होगी कि इंग्लैंड को नीदरलैंड्स के खिलाफ कम से कम दो गोल के अंतर से हार मिले। ऐसा होने पर इंग्लैंड का गोल अंतर -2 हो जाएगा। इस स्थिति में तीनों टीमों के तीन-तीन अंक होंगे और भारत बेहतर गोल अंतर के आधार पर अर्जेंटीना और इंग्लैंड को पीछे छोड़कर सेमीफाइनल में पहुंच सकता है।

भारत के पास एक और रास्ता है, लेकिन इसके लिए और बड़ी जीत की जरूरत होगी। यदि भारत अर्जेंटीना को चार गोल के अंतर से हरा देता है, तो इंग्लैंड की नीदरलैंड्स के खिलाफ कोई भी हार भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगी। हालांकि, इंग्लैंड की हार जरूरी होगी, क्योंकि मुकाबला ड्रॉ रहने पर उसके चार अंक हो जाएंगे और वह भारत की पहुंच से बाहर हो जाएगा।

हॉकी इंडिया के मुताबिक समीकरण भले ही भारत के लिए मुश्किल हों, लेकिन टीम का तत्काल ध्यान अपने आक्रमण को बेहतर करने पर होगा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली है। वह छह गोल के साथ अर्जेंटीना के टॉमस डोमेन के साथ टूर्नामेंट के संयुक्त शीर्ष स्कोरर हैं।

हालांकि, भारत को फील्ड गोल करने में निरंतरता की कमी खली है। ऐसे में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने मुकाबले से पहले कहा कि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए हमारे पास एक मौका है। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि हमें क्या करना है। हमें गोल चाहिए, लेकिन साथ ही हमें अपने खेल को नियंत्रित करते हुए अपनी रणनीति को भी बनाए रखना होगा। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह