एफआईएच हॉकी विश्व कप तक भारतीय महिला टीम की यात्रा

 




नई दिल्ली, 20 जुलाई (हि.स.)। भारतीय महिला हॉकी टीम का बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 तक का सफर दृढ़ता, संकल्प और अपनी क्षमताओं पर अटूट विश्वास से भरा रहा है।

महिला एशिया कप 2025 में सीधे क्वालीफाई करने से चूकने के बाद उन्होंने घरेलू मैदान पर आयोजित क्वालीफायर के जरिए विश्व कप में अपनी जगह पक्की की और बाद में न्यूजीलैंड में आयोजित एफआईएच नेशंस कप जीता। ये उपलब्धियां टीम की दृढ़ता और निरंतर विकास को दर्शाती हैं, जो अब आत्मविश्वास और जोश के साथ अंतरराष्ट्रीय हॉकी के सबसे बड़े मंच पर जा रही हैं।

हॉकी इंडिया के अनुसार बेल्जियम और नीदरलैंड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 15 से 30 अगस्त तक चलेगा। पूल डी में शामिल भारत को ग्रुप चरण में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका का सामना करना होगा। टीम अपने सभी पूल मैच नीदरलैंड्स के एमस्टेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेलेगी। भारतीय टीम 16 अगस्त को चीन के खिलाफ, उसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड के खिलाफ खेलेगी।

एशिया कप 2025 के दौरान भारत सीधे क्वालीफाई करने के बेहद करीब पहुंच गया था। फाइनल तक के शानदार सफर के बाद भारत मेजबान चीन से हार गया और विश्व कप में सीधे प्रवेश पाने से चूक गया था। यह हार एक झटका थी, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण मोड़ भी साबित हुई, क्योंकि टीम ने इस अनुभव को प्रेरणा के रूप में इस्तेमाल करते हुए अपनी तैयारियों को और बेहतर बनाया और विश्व कप के अपने सपने को जीवित रखने के अगले अवसर पर ध्यान केंद्रित किया।

मार्च 2026 में हैदराबाद में आयोजित एफआईएच हॉकी महिला विश्व कप क्वालीफायर में टीम ने पुनः एकजुट होकर भाग लिया। मुख्य कोच स्जोर्ड मारिजने के नेतृत्व में घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए, भारत ने फाइनल तक पहुंचने के अपने सफर में अपराजित रहते हुए सेमीफाइनल में इटली को कड़े मुकाबले में 1-0 से हराकर विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया। हालांकि फाइनल में इंग्लैंड ने भारत को हरा दिया, लेकिन रजत पदक के साथ टीम ने एफआईएच के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की कर ली।

टीम का सबसे बड़ा प्रदर्शन न्यूजीलैंड में हुए नेशंस कप में देखने को मिला, जहां भारत पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहा और खिताब जीतकर एफआईएच प्रो लीग में वापसी सुनिश्चित की।

भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बाद 3-2 की शानदार वापसी वाली जीत के साथ की, जिसके बाद उसने जापान और उरुग्वे पर जीत दर्ज कर समूह में शीर्ष स्थान हासिल किया।

सलीमा टेटे की अगुवाई वाली टीम ने सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से करारी शिकस्त दी और फिर फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 2-0 से मात दी। दीपिका ने शानदार छह गोल करके टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से शीर्ष स्कोरर का स्थान हासिल किया, जिससे विश्व कप में भारत की आक्रमण क्षमता का पता चलता है।

पिछले साल में टीम के कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत तौर पर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। नवनीत कौर ने महिला एशिया कप 2025 के दौरान 200 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए और फिर विश्व कप क्वालीफायर में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता। डिफेंडर निक्की प्रधान ने हैदराबाद में हुए क्वालीफायर के दौरान 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मील का पत्थर हासिल किया, वहीं कप्तान सलीमा ने इंग्लैंड के खिलाफ टूर्नामेंट के फाइनल में अपना 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला।

हालिया सफलता और अनुभवी एवं युवा खिलाड़ियों से सजी टीम के दम पर भारत आत्मविश्वास, जोश और इस विश्वास के साथ बेल्जियम और नीदरलैंड्स के दौरे पर निकलेगा कि वह सर्वश्रेष्ठ टीमों को टक्कर दे सकती है। विश्व कप की उलटी गिनती अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। ऐसे में टीम का लक्ष्य होगा कि वह अपनी हालिया प्रगति को वैश्विक मंच पर एक यादगार अभियान में तब्दील करे।------------

हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह