यूपीसीए में फैले भ्रष्टाचार की जांच विजिलेन्स और सीबीसीआईडी से कराने की मांग

 


- यूपीसीए से जुड़े अधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा पत्र

कानपुर, 12 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में व्याप्त भ्रष्टाचार की जडों को उखाड फेंकने के लिए सूबे के मुख्यमन्त्री को पत्र भेजकर जांच सतर्कता विभाग अथवा सीबीसीआईडी जैसे स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गयी है। प्रदेश क्रिकेट संघ से जुड़े अधिकारी उत्तम केसरवानी ने ही प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही शासन के आलाधिकारियों जैसे डीजीपी, खेल सचिव, कानपुर पुलिस कमिश्नर के साथ ही जिलाधिकारी के नाम भी संलग्न पत्र भेजकर मामले को जल्द ही सुलटाने की मांग दोहरायी है।

मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में यह साफ तौर पर अंकित किया गया है कि उनके जैसे ईमानदार एवं न्यायप्रिय मुख्यमंत्री के शासनकाल में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन कानपुर में बहुत बड़ा घोटाला तथा भ्रष्टाचार बीते कई सालों से निरंतर किया जा रहा है। इन घोटालों व भ्रष्टाचार को निम्नलिखित तरीकों से दर्शाया गया है। पत्र में इंगित है कि प्रदेश की लगभग सभी आयु वर्ग की टीमों की चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सम्पन्न नहीं करवायी जाती। यही नहीं टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अवसर देने के बजाए उन खिलाड़ियों को शामिल किया जाता जिनसे धन की रिश्वत ली गयी हो। उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्यमन्त्री को अवगत करवाया है कि चयनकर्ता धन उगाही कर खिलाड़ियों का टीम में शामिल करने का काम करते आ रहे है जिसके चलते योग्य खिलाड़ी टीम में खेलने वाले अवसर से वंचित रह जाते हैं।

वहीं दूसरी ओर उन्होंने बताया कि हाल ही में दौरे पर गयी अंडर 14 की टीम में 15-16 खिलाड़ियों के स्थान पर 27 खिलाड़ियों का चयन किया गया था। इस टीम में मूल रुप से खेलने वाले मात्र 16-17 खिलाड़ी होते हैं। शेष सभी खिलाड़ियों को घुमाने क्रिकेट किट देने आदि के नाम पर धन की उगाही की गयी है। जबकि खिलाड़ियों के आने-जाने के टिकट मात्र पर अनुमानितः 22 हजार का खर्च उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को वहन करना पड़ता है।

उन्होंने इस कृत्य में संघ की ओर से शामिल विवेक चटर्जी, सिद्धार्थ यादव, अनुराग व सागर आदि संलिप्त बताया है। यह सभी तथ्य संस्था के सीईओ अंकित चटर्जी के संज्ञान में भी हैं। इस प्रकार न केवल धन की बर्बादी की जाती अपितु अवैध धन की वसूली की जा रही है एवं प्रतिभाशाली योग्य खिलाड़ी वंचित रह जाते हैं। अंडर 23 वर्ग में अकरम सैफी द्वारा मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं के नाम पर मुस्लिम समुदाय के खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया जा रहा है। अतः प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के हितों के दृष्टिगत मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया है कि प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच सतर्कता विभाग अथवा सीबीसीआईडी जैसे स्वतंत्र एजेंसी से कराएं ताकि संघ को बदनामी के दाग से बचाया जा सके और दोषियों को संघ से बाहर का रास्ता दिखाया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार/अजय/बृजनंदन