मालदीव फुटबॉल लीग में रेफरी की भूमिका निभाकर शहर लाैटे देबूजीत सिंह यादव
कानपुर, 26 मई (हि.स.)। मालदीव में आयोजित प्रतिष्ठित “मालदीव रीजनल फुटबॉल लीग” में बतौर राष्ट्रीय रेफरी अपनी भूमिका निभाकर देबूजीत सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। 17 अप्रैल से 19 मई तक मालदीव के नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों की टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें देबूजीत सिंह यादव ने मैचों का संचालन निष्पक्षता और अनुशासन के साथ किया।
देबूजीत सिंह यादव उत्तर प्रदेश के रेफरी हैं और लगातार अपने प्रदर्शन के दम पर फुटबॉल जगत में पहचान बना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में रेफरी की जिम्मेदारी निभाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में ऑफिशियल की भूमिका निभाई, जिसकी खिलाड़ियों और आयोजकों ने सराहना की।
कानपुर के नौबस्ता में रहने वाले देबूजीत सिंह यादव के पिता लक्ष्मी नारायण यादव भारतीय सेना से सूबेदार मेजर पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार का कहना है कि बचपन से ही देबूजीत खेलों के प्रति समर्पित रहे हैं और अनुशासन को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं।
प्रतियोगिता सम्पन्न होने के बाद उनके कानपुर लौटने पर परिवार, मित्रों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई। क्षेत्रीय लोगों ने इसे पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात बताया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उत्तर प्रदेश फुटबॉल संघ के महासचिव मोहम्मद शाहिद ने भी मंगलवार को देबूजीत सिंह यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवा रेफरियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तर प्रदेश के रेफरी की मौजूदगी प्रदेश में फुटबॉल के बढ़ते स्तर को दर्शाती है। रेफरी देबूजीत सिंह यादव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली जिम्मेदारी निभाना चुनाैतीपूर्ण हाेती है और प्रशंसकाें की बधाई से आत्मबल मजबूत हाेता है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप