कोच गंभीर से किया वादा, फिर क्रीज पर दिखाया धैर्य, तिलक वर्मा ने ऐसे दिलाई भारत को जीत
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (हि.स.)। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत की जीत के बाद बल्लेबाज तिलक वर्मा ने अपनी बल्लेबाजी की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि धीमी पिच, बड़े मैदान और तेज बाउंसर के बीच छक्के लगाना आसान नहीं था, इसलिए उन्होंने बड़े शॉट खेलने के बजाय संयम बरतने और मैच को आखिरी तक ले जाने पर ध्यान दिया। तिलक ने कहा कि उन्होंने कोच गौतम गंभीर और सितांशु कोटक से पारी को गहराई तक ले जाने का वादा किया था, जिसे निभाते हुए उन्होंने नीतीश कुमार रेड्डी के साथ मिलकर भारत को एक गेंद शेष रहते जीत दिलाई।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से रविवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर साझा किए गए वीडियो में तिलक वर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि विकेट काफी चुनौतीपूर्ण था। खासकर अगर आप देखें - बड़ा मैदान, धीमी पिच और जब वे बाउंसर डाल रहे थे, तो गेंद काफी तेजी से आ रही थी। ऐसे में जब चाहें तब छक्का लगाना आसान नहीं था। पहले मैच में छक्के लगाना आसान था, लेकिन इस मैच में परिस्थितियां काफी मुश्किल थीं।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे समय में यह देखना जरूरी था कि हम किस तरह समझदारी से खेलते हैं। तिलक के मुताबिक हम खेल में अपनी फिटनेस लेवल और अपनी मेहनत दिखाना चाहते थे। हमने एक-एक, दो-दो रन के लिए कड़ी मेहनत की और जब भी मौका मिला, हमने छक्के भी लगाए।तिलक वर्मा ने खुलासा किया कि जब नमन धीर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब उनका मन भी बड़े शॉट खेलने का कर रहा था। हालांकि, उन्होंने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक से वादा किया था कि मैच को अंत तक ले जाने की कोशिश करूंगा।
तिलक ने कहा कि पिछले मैच में उनका रवैया थोड़ा रक्षात्मक था और वह शुरुआत में सिंगल लेकर पारी को आगे बढ़ाना चाहते थे। इस मैच में भी जब नमन हिट कर रहा था, तब मैंने संभलकर खेला। मैं स्पिनरों के खिलाफ बाउंड्री लगाना चाहता था, लेकिन मैंने संयम बरता और मैच को गहराई तक ले जाने का फैसला किया। इसके बाद जो हुआ, वह भगवान की योजना थी।”
नीतीश कुमार रेड्डी के साथ मैच जिताऊ साझेदारी करने से पहले तिलक वर्मा ने नमन धीर के साथ भी अहम साझेदारी की थी, जिसमें नमन धीर ने 17 गेंदों पर 31 रनों का योगदान दिया था।
नीतीश कुमार रेड्डी ने भी तिलक वर्मा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि तिलक तेजी से रन दौड़ने में माहिर हैं और दोनों के बीच तालमेल काफी अच्छा है। नीतीश के मुताबिक, जब नमन धीर आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे, तब तिलक ने अनावश्यक जोखिम लेने से बचते हुए उन्हें स्ट्राइक देने पर ध्यान दिया।
नीतीश ने कहा कि मुझे तिलक के साथ बल्लेबाजी करके काफी अच्छा लगा। वह तेजी से रन दौड़ते हैं और मैं भी तेज दौड़ता हूं। हमने साथ बल्लेबाजी का खूब आनंद लिया। मैं तिलक की एक बात की खास तौर पर तारीफ करना चाहता हूं। जब नमन धीर शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और तेजी से रन बना रहे थे, तब तिलक ने जोखिम नहीं लिया और उन्हें सिंगल देकर स्ट्राइक दी। इसके बाद नमन ने अपना काम जारी रखा।
उन्होंने आगे कहा कि नमन के आउट होने के बाद उन्होंने और तिलक ने आक्रामक एवं सकारात्मक रवैया अपनाया। दोनों ने तेजी से दो रन लेने, बाउंड्री लगाने और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई। नीतीश के अनुसार टी-20 क्रिकेट में कभी-कभी केवल एक ओवर मैच का रुख बदल देता है और इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने इसे साबित कर दिया।
मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 181 रनों का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को अंतिम पांच ओवर में जीत के लिए 68 रनों की जरूरत थी। ऐसे समय में तिलक वर्मा (नाबाद 51 रन) और नीतीश कुमार रेड्डी (नाबाद 26 रन) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर को वेलिंगटन ( न्यूज़ीलैंड) में खेला जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह