रोज 14 किमी साइकिल चलाने वाला आकाश अब एशियाई खेलों में लगाएगा निशाना

 


नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। जयपुर के 22 वर्षीय निशानेबाज आकाश भारद्वाज का एशियाई खेलों तक पहुंचने का सफर संघर्ष, अनुशासन और परिवार के त्याग की मिसाल है। महज 21 साल की उम्र में पहली बार पिस्टल हाथ में लेने वाले आकाश अब जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं।

जयपुर के निवाड़ू रोड क्षेत्र के साधारण परिवार से आने वाले आकाश के पिता व्यावसायिक चालक के रूप में काम करते थे। शूटिंग से पहले आकाश एथलेटिक्स और रग्बी से जुड़े रहे और रग्बी में राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक भी जीता। हालांकि संपर्क वाले खेलों में चोट की आशंका के चलते उन्होंने व्यक्तिगत खेल की तलाश शुरू की और वर्ष 2021 के अंत में शूटिंग अकादमी के एक विज्ञापन ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।

शुरुआती दिनों में आर्थिक चुनौतियां बड़ी थीं। आकाश की प्रतिभा को देखते हुए उनके पिता ने क्रेडिट कार्ड से उनकी पहली पिस्टल खरीदी, जबकि बड़े भाई शुभम ने अपनी कमाई से अकादमी की मासिक फीस का खर्च उठाया।

कभी पैदल, कभी लिफ्ट लेकर तो कभी साइकिल से पहुंचते थे रेंज

आकाश को जयपुर के मारुधरा स्पोर्ट्स शूटिंग अकादमी तक पहुंचने के लिए रोज करीब 14 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। वह कभी पैदल जाते, कभी राहगीरों से लिफ्ट लेते और अक्सर साइकिल से रेंज पहुंचते थे। यात्रा के खर्च से बचाए गए 10 से 20 रुपये वह पोषण और अभ्यास के लिए जरूरी पेलेट खरीदने में खर्च करते थे।

शुरुआती दौर में निजी कोच न होने के कारण आकाश ने अपनी ट्रेनिंग की जिम्मेदारी भी खुद संभाली। वह रोजाना छह से सात घंटे डंबल कंडीशनिंग और ड्राई-फायर अभ्यास करते थे। अपनी हर गलती का बारीकी से विश्लेषण करना और शॉट में बदलाव के कारणों को नोट करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया।

पारदर्शी चयन प्रणाली से मिली मंजिल

घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद आकाश राष्ट्रीय चयन ट्रायल तक पहुंचे और रैंकिंग अंकों के आधार पर एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई। उन्होंने राष्ट्रीय राइफल संघ की चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि इससे सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों को भी सिर्फ प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

अब आकाश आइची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में अपने पहले एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में उतरेंगे। उनका कहना है कि मेहनत, अनुशासन और अपनी तैयारी पर विश्वास ही उन्हें यहां तक लाया है और जापान में वह भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को तैयार हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय