समुद्री क्षेत्र में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और शिकायत निवारण पर जोर, सोनोवाल ने ‘मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव’ की घोषणा की
नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंत्रालय की समीक्षा बैठक के दौरान समुद्री क्षेत्र में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस, शिकायत निवारण और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया है। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों के सुधारों और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए ‘मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव’ आयोजित करने की घोषणा भी की।
केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सुशासन को मजबूत करने, कारोबार सुगमता बढ़ाने, डिजिटल एकीकरण, प्रभावी शिकायत निवारण और प्रमुख समुद्री परियोजनाओं की जवाबदेह निगरानी व्यवस्था पर चर्चा हुई।
सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के समुद्री क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म एंड इन्फॉर्म’ मंत्र के तहत भारत आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और सक्षम समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है। ‘मैरीटाइम रिफॉर्म उत्सव’ के माध्यम से बंदरगाह, शिपिंग, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय अवसंरचना, हरित शिपिंग, डिजिटलीकरण और समुद्री संपर्क क्षेत्र की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय से जुड़े लंबित मामलों, न्यायालयीन प्रकरणों और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए एक समर्पित निगरानी एवं समन्वय समिति गठित की जाएगी, जो नियमित समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
सोनोवाल ने कहा कि शिकायत निवारण केवल प्रक्रियात्मक न होकर जमीनी स्तर पर समाधान केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने विभागों को सार्वजनिक शिकायतों और हितधारकों की समस्याओं की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में कारोबार सुगमता और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए महानिदेशक नौवहन के तहत एकीकृत डिजिटल मंच और मोबाइल एप विकसित करने का निर्णय भी लिया गया। इसके जरिए रियल टाइम सेवाएं, डिजिटल दस्तावेज, शिकायत निवारण और समुद्री सेवाओं को एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
सोनोवाल ने पिछले 12 वर्षों में समुद्री क्षेत्र में हुए सुधारों और अवसंरचना विकास की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसके तहत उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां नीतिगत हस्तक्षेप, संस्थागत मजबूती और क्षमता विस्तार की जरूरत है।
उन्होंने मंत्रालयों, राज्य सरकारों, बंदरगाह प्राधिकरणों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि इससे बड़े समुद्री और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने परामर्श बैठकों में उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने की भी बात कही।
केंद्रीय मंत्री ने समुद्री क्षेत्र की बदलती जरूरतों को देखते हुए कौशल विकास, क्षमता निर्माण और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रणाली और डेटा आधारित प्रशासन के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया।
सोनोवाल ने कहा कि मंत्रालय की उपलब्धियों और सुधारों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए डिजिटल अभियान, लघु वीडियो, ग्राफिक्स और रील जैसे माध्यमों का अधिक उपयोग किया जाएगा ताकि युवा समुद्री क्षेत्र को रोजगार और राष्ट्र निर्माण के अवसर के रूप में देखें।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर