भारत-डेलावेयर बायोमैन्युफैक्चरिंग वर्किंग ग्रुप का हो गठनः जितेन्द्र सिंह

 


नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत–डेलावेयर (अमेरिका) के बीच उन्नत बायोमैन्युफैक्चरिंग में संरचित सहयोग के लिए भारत-डेलावेयर बायोमैन्यूफेक्चरिंग वर्किंग ग्रुप का गठन होना चाहिए। यह समूह का दोनों देशों के बीच शोध, विनिर्माण और स्टार्टअप इकोसिस्टम में ठोस साझेदारी को आगे बढाएगा।

डॉ. सिंह ने

यह प्रस्ताव सेवा तीर्थ में डेलावेयर के गवर्नर मैट मेयर के नेतृत्व में आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान रखा।

बैठक में कई क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया जिसमें फार्मा और जैव-प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार-आधारित औद्योगिक विकास

और उन्नत बायोमैन्युफैक्चरिंग शामिल है।

उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत–अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है और नवाचार-समृद्ध अमेरिकी राज्यों के साथ गहरा सहयोग संभावनाओं से भरा है। भारत जैव-प्रौद्योगिकी और फार्मास्युटिकल नवाचार में वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद का उल्लेख किया, जिसके 37 प्रयोगशालाएं, 7,500 से अधिक वैज्ञानिक, ग्रीन हाइड्रोजन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोसाइंस और बायोफार्मा जैसे मिशनों में योगदान

सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रुपये का आरएंडडी और इनोवेशन फंड भी स्थापित किया गया है, जिससे निजी और डीप-टेक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

डेलावेयर के बायोसाइंस इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने जैव औषधीय पदार्थों के निर्माण में नवाचार के लिए राष्ट्रीय संस्थान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एआई सक्षम बायोमैन्युफैक्चरिंग, तेज़ स्केल-अप टेक्नोलॉजी, अगली पीढ़ी के बायोलॉजिक्स और वैक्सीन, किफायती बायोसिमिलर और टीकों का सह-विकास

प्रस्तावित है।

------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी