बीएमएस और कर्मचारी संगठनों के 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की डॉ जितेन्द्र सिंह से मुलाकात
नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स.)। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि हितधारकों के साथ नियमित संवाद से शासन व्यवस्था मजबूत होती है और सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों से संबंधित मुद्दों का समय पर समाधान संभव होता है।
डॉ जितेन्द्र सिंह से आज दिल्ली पहुंचे भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) और देश भर से संबद्ध कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
डॉ सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारी कल्याण और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ा रही है। आयुध कारखाने के लगभग 65 हजार पूर्व कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा में स्थानांतरित करके उनका भविष्य सुरक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए परामर्शपूर्ण और उत्तरदायी दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रगतिशील प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाने को हमेशा प्राथमिकता दी है।
मंत्री ने कहा कि प्रत्येक वास्तविक निवेदन पर संबंधित मंत्रालयों और विभागों के माध्यम से उचित विचार किया जाता है।
इस दौरान प्रतिनिधियों ने सेवा से संबंधित अपनी कई मांगे सामने रखीं। इनमें अनुकंपा नियुक्ति मामलों में पुरानी पेंशन योजना का लाभ विस्तारित करना, करियर में प्रगति, कैडर से संबंधित मामले और सरकारी कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर व्यापक हितधारक परामर्श शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि अनावश्यक मुकदमों को कम करने और कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले सेवा संबंधी मामलों के समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सकता है।
इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस), सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ (जीईएनसी), सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ, एसएचएआर कर्मचारी ट्रेड यूनियन और अंतरिक्ष कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि शामिल थे, जो देश भर में रक्षा प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, वैज्ञानिक संस्थानों और अन्य केंद्रीय सरकारी सेवाओं के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी