फार्मेसी के क्षेत्र में दुनिया में बढ़ रहा भारत का प्रभुत्व: आशीष चौहान

 






लखनऊ, 26 सितंबर (हि.स.)। फार्मोविजन के दो दिवसीय 13वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ शनिवार को डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, विशिष्ट अतिथि आर्ब्रो ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ अरोड़ा और अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया।

अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक फार्मेसी क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत किया है। उन्होंने ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में भारत की पहचान को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि फार्मेसी के क्षेत्र में भारत का बढ़ता प्रभुत्व केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण में भारत के योगदान का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारत की फार्मेसी, अनुसंधान, नवाचार और औषधि निर्माण की क्षमता का उपयोग विश्व कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में फार्मेसी क्षेत्र भारत की आत्मनिर्भरता, वैश्विक नेतृत्व और मानवता की सेवा के संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि फार्मेसी के क्षेत्र में आज भारत लगातार नए नए शोध और नवाचार से वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता को मजबूत कर रहा है। भारत ग्लोबल मार्केट में सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं और टीकों का सबसे बड़ा प्रदाता है । उन्होंने कहा कि शोध, नवाचार, नई तकनीक और गुणवत्तापूर्ण औषधि निर्माण के माध्यम से भारत न केवल अपने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत कर सकता है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने फार्माविजन के माध्यम से फार्मेसी के विद्यार्थियों और युवाओं को अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में आर्ब्रो ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ अरोरा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का फार्मा सेक्टर आज वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में इसके विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि फार्माविजन जैसे मंच फार्मेसी के विद्यार्थियों, युवा शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को एक साथ जोड़कर फार्मा क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों से 779 प्रतिभागी शामिल हुए जिनमें 465 छात्र एवं 311 छात्राएँ थे। नेपाल से भी प्रतिनिधिमंडल ने अधिवेशन में सहभागिता की।

कार्यक्रम में एबीवीपी के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, अवध प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष, अवध प्रांत फार्माविजन प्रमुख प्रो. आकाश वेद, प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा, फार्माविजन राष्ट्रीय सहसंयोजक प्रियांशु पाठक भी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन