पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान से शत-प्रतिशत जोड़ने का आह्वान

 


नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने देशभर के सभी पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान-5 के तहत शत-प्रतिशत जोड़ने का आह्वान किया है। विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा से पेंशनभोगी बिना किसी दूसरे पर निर्भर हुए घर बैठे अपनी जीवन प्रमाणपत्र प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

विभाग ने मंगलवार को नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान-5 के तहत एक विशेष शिविर आयोजित किया। इसमें पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही उन्हें डिजिटल सेवाओं के लाभों के प्रति जागरूक किया गया।

इस अवसर पर निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि विभाग की सभी पहल के केंद्र में पेंशनभोगी हैं और अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक पेंशनभोगी तक इसका लाभ पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले अभियान के दौरान 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के 14 लाख से अधिक पेंशनभोगियों ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कराए थे। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

सचिव ने पेंशनभोगियों से डिजिटल सशक्तीकरण का दूत बनने और अपने अनुभव साझा कर अन्य पेंशनभोगियों को भी चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पेंशनभोगी स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें न तो किसी दूसरे पर निर्भर रहने की जरूरत है और न ही बैंक शाखा जाने की।

विभाग के संयुक्त सचिव ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने बताया कि वर्ष 2014 में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सेवा शुरू होने के बाद से इसमें काफी बदलाव आया है। वर्ष 2021 में चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक शुरू होने से यह प्रक्रिया अधिक सुगम और सुविधाजनक हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले अभियान के दौरान इस तकनीक के माध्यम से बनाए गए प्रमाणपत्रों की संख्या करीब 50 लाख से बढ़कर लगभग 1.25 करोड़ हो गई।

उन्होंने बताया कि जो पेंशनभोगी शिविरों में नहीं पहुंच सकते या स्वयं प्रमाणपत्र जमा करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए बैंकों और डाकघरों के माध्यम से घर पर ही सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

पीएनबी के इस विशेष शिविर में वरिष्ठ पेंशनभोगियों के साथ संवाद के अलावा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सेवाओं के साथ चिकित्सा शिविर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। विभाग ने इस पहल के जरिए पेंशनभोगियों के लिए सुलभ, सुरक्षित और उनकी जरूरतों पर केंद्रित डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार