दिल्ली में सीआईएसएफ मुख्यालय की नई इमारत का शिलान्यास
नई दिल्ली, 22 जून (हि.स.)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने सोमवार को यहां के लोधी रोड स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के नए बल मुख्यालय भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने सीआईएसएफ की परिचालन और प्रशिक्षण क्षमताओं को मजबूत करने वाली 136.03 करोड़ रुपये की विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
कार्यक्रम में गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका, सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा लगभग 75.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाला नया नौ मंजिला सीआईएसएफ मुख्यालय भवन बल की प्रशासनिक, परिचालन और रणनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र होगा। भवन में महानिदेशक और विभिन्न शाखाओं के कार्यालय, नियंत्रण कक्ष, सम्मेलन सुविधाएं, सभागार, पुस्तकालय, जिम्नेजियम तथा आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस दौरान बंदी संजय कुमार ने तीन पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी (एनआईएसए) में 34.22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अधीनस्थ अधिकारियों का मेस ‘आदित्य’, 20.53 करोड़ रुपये की लागत से बना उन्नत प्रशिक्षण भवन ‘अभ्यास’ तथा तमिलनाडु के शिवगंगई जिले में चौथी रिजर्व बटालियन के लिए 5.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आवासीय परिसर शामिल हैं।
कार्यक्रम में व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत दिवंगत सीआईएसएफ कर्मियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई। साथ ही ‘संरक्षिका’ और भारतीय स्टेट बैंक की संयुक्त पहल के तहत दिव्यांग आश्रित बच्चों को विशेष मोटर चालित व्हीलचेयर वितरित की गईं।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। इनमें आयुष्मान सीएपीएफ और सीएपीएफआईएमएस के माध्यम से कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं, ई-आवास पोर्टल के जरिए पारदर्शी आवास आवंटन तथा ड्यूटी के दौरान दिव्यांग हुए कर्मियों के लिए सम्मानजनक सेवा और पदोन्नति सुनिश्चित करने वाली नीतियां शामिल हैं।
सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि सुरक्षा चुनौतियों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब साइबर हमलों, डिजिटल तोड़फोड़, ड्रोन तथा अन्य तकनीक आधारित खतरों से निपटने की आवश्यकता बढ़ गई है। सीआईएसएफ को हाल के वर्षों में कई नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बल को अंतरराष्ट्रीय जहाज एवं बंदरगाह सुरक्षा (आईएसपीएस) संहिता के तहत ‘रिकग्नाइज्ड सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशन’ का दर्जा मिला है, जिससे वह प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा जांच और मूल्यांकन कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के बेहरोड़ स्थित प्रशिक्षण केंद्र को ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा आईआईटी मद्रास प्रवर्तक, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और सी-डैक जैसे संस्थानों के सहयोग से विशेष साइबर सुरक्षा टीमों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
महानिदेशक ने बताया कि गृह मंत्रालय ने हरियाणा के नूंह में 1,024 कर्मियों वाली सीआईएसएफ की पहली पूर्ण महिला रिजर्व बटालियन के गठन को मंजूरी दी है, जिसे बल में महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार