गाईघाटा के बाद अब धुलियान में 'एनकाउंटर': पुलिस की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश में सुजीत हत्याकांड का आरोपित ढेर

 


कोलकाता, 27 अक्टूबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में एक ही दिन में पुलिस 'एनकाउंटर' की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। उत्तर 24 परगना के गाईघाटा के बाद अब मुर्शिदाबाद जिले के धुलियान में भी पुलिस की गोली से एक आरोपित की मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इस मामले में भी आरोपित ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। एनकाउंटर में मारे गए इस आरोपित का नाम समाउन शेख बताया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, समाउन शेख को शमशेरगंज में हुए चर्चित सुजीत मंडल हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को राज्य सीआईडी की टीम उसे लेकर शमशेरगंज थाने के तहत आने वाले पुराना डाकबंगला इलाके में घटना के नाट्य रूपांतरण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) के लिए गई थी, जहां सुजीत की निर्मम हत्या हुई थी। पुलिस का आरोप है कि इसी रीक्रिएशन प्रक्रिया के दौरान समाउन ने अचानक एक अधिकारी की बंदूक छीन ली और भागने का प्रयास करते हुए तीन राउंड फायरिंग की। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में चलाई गई गोली से समाउन गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत जंगीपुर अनुमंडल (सब-डिविजनल) अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जंगीपुर पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हत्या के मामले की जांच राज्य सीआईडी कर रही थी और घटनास्थल पर रीक्रिएशन के दौरान यह गोलीबारी हुई।

गौरतलब है कि शमशेरगंज के पुराना डाकबंगला निवासी सुजीत मंडल बीते 28 अगस्त को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में उनका क्षत-विक्षत और टुकड़ों में कटा हुआ शव बरामद हुआ था। इस जघन्य हत्याकांड की तुलना धुलियान के पिता-पुत्र (हरगोबिंद दास और चंदन दास) हत्याकांड से करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि सुजीत की हत्या जानवरों का मांस काटने वाले चाकू से की गई थी। इस जघन्य अपराध के सिलसिले में पुलिस ने तीन आरोपितों- समाउन शेख, ताजकिरा बीबी और जॉनी शेख को गिरफ्तार किया था। इन्हीं गिरफ्तार आरोपितों में से एक मंगलवार को इस एनकाउंटर में मारा गया।

सुजीत हत्याकांड में स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही भी उजागर हुई थी। मृतक की पत्नी सुमना मंडल ने आरोप लगाया था कि उन्होंने स्थानीय पुलिस चौकी से बार-बार मदद की गुहार लगाई थी लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने भी इसे प्रशासन की एक 'बड़ी चूक' माना था। इसके परिणामस्वरूप, धुलियान टीओपी के प्रभारी एएसआई सुमंत कुमार दास और शमशेरगंज थाने के सेकेंड ऑफिसर एसआई सैफुल आलम को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही, शमशेरगंज के आईसी सुब्रत घोष को लाइन क्लोज कर जोनल आईजी के माध्यम से उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी; फरक्का के एसडीपीओ शेख शम्सुद्दीन का दंडात्मक तबादला किया गया और गृह विभाग ने जंगीपुर के एसपी सुरिंदर सिंह को 'कारण बताओ' (शो-कॉज) नोटिस भी जारी किया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर