कॉनकास्ट स्टील मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 31.30 करोड़ रुपये की 20 संपत्तियां कुर्क

 


नई दिल्ली, 02 जुलाई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड (सीएसपीएल) से जुड़े धनशोधन मामले में 31.30 करोड़ रुपये मूल्य की 20 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय और वाणिज्यिक इकाइयां, फ्लैट तथा भूमि शामिल हैं, जो पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में स्थित हैं।

ईडी ने गुरुवार को बताया कि जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां संजय कुमार सुरेका के लाभकारी स्वामित्व और नियंत्रण में थीं। इन्हें उनके नाम के अलावा रिश्तेदारों, कर्मचारियों, सहयोगियों और शेल कंपनियों के नाम पर रखा गया था, ताकि अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को छिपाया जा सके। इस कार्रवाई के साथ मामले में अब तक कुल लगभग 777.10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

ईडी ने इस मामले में कोलकाता स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में दूसरी अनुपूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। इस शिकायत में 63 नए आरोपितों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इनमें व्यक्ति, कंपनियां, एलएलपी, साझेदारी फर्म और स्वामित्व प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच में इनके धनशोधन गतिविधियों में जानबूझकर शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं।

मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। प्राथमिकी में आरोप है कि कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड, उसके प्रवर्तकों और निदेशकों ने बैंकों के समूह से ऋण सुविधाएं प्राप्त करने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर स्टॉक विवरण, हेरफेर किए गए वित्तीय दस्तावेज और फर्जी अभिलेख प्रस्तुत किए। इसके बाद ऋण राशि को दूसरी जगह स्थानांतरित और गबन कर लिया गया, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ब्याज छोड़कर लगभग 6,210.72 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि संजय कुमार सुरेका ने 60 से अधिक शेल कंपनियों, फर्मों और एलएलपी का नेटवर्क खड़ा किया था। इन संस्थाओं का नियंत्रण उनके पास था, लेकिन इन्हें कर्मचारियों, रिश्तेदारों, सहयोगियों और डमी निदेशकों के नाम पर संचालित किया जाता था। इन संस्थाओं का इस्तेमाल फर्जी लेन-देन, असुरक्षित ऋण, अंतर-कॉरपोरेट लेन-देन, काल्पनिक व्यापारिक सौदों, लेटर ऑफ क्रेडिट और धन के चक्रीय प्रवाह के माध्यम से अवैध धन को छिपाने और वैध दिखाने के लिए किया गया।

ईडी ने बताया कि मामले में पहले भी अभियोजन शिकायत और अनुपूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की जा चुकी है। दूसरी अनुपूरक शिकायत के बाद इस मामले में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 97 हो गई है। इनमें व्यक्ति, कंपनियां, एलएलपी, साझेदारी फर्म और स्वामित्व प्रतिष्ठान शामिल हैं।

ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर