केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में चौथा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बागवानी शिखर सम्मेलन 28 जनवरी से

 


सतत बागवानी विकास, जलवायु अनुकूलन और किसानों की आय वृद्धि पर होगा गहन विचार-विमर्श

झांसी, 27 जनवरी (हि.स.)। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में 28 से 30 जनवरी 2026 तक चौथा राष्ट्रीय-सह-अंतरराष्ट्रीय बागवानी शिखर सम्मेलन (जीसीएडबल्यूएस–2026) आयोजित किया जाएगा। इस तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय “सतत विकास, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुदृढ़ता हेतु स्वदेशी एवं अल्प उपयोगिता बागवानी फसलों का उपयोग” रखा गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ए.के. सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश और विदेश से लगभग 300 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिनमें किसान, वैज्ञानिक, शोधार्थी और नीति निर्माता शामिल होंगे।

तीन दिनों के दौरान 10 सेशन आयोजित होंगे, जिनमें नीति, उद्योग और तकनीकी पहलुओं पर व्यापक चर्चाएं होंगी। सम्मेलन में प्रमुख अतिथि डॉ पंजाब सिंह (कुलाधिपति), डॉ एस.के. सिंह (उप महानिदेशक, बागवानी, आईसीएआर), डॉ बलराज सिंह सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ शामिल होंगे।

सम्मेलन में स्वदेशी और अल्प उपयोगिता बागवानी फसलों के फसल सुधार, जैव विविधता संरक्षण, आधुनिक प्रजनन तकनीक, जलवायु-सहिष्णु और संरक्षित बागवानी, सटीक कृषि, रोग एवं कीट प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, विपणन, निर्यात और एफपीओ आधारित उद्यमिता पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को लाइफटाइम अचीवमेंट, युवा वैज्ञानिक, महिला वैज्ञानिक, श्रेष्ठ शिक्षक और नेतृत्व उत्कृष्ट पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

कुलपति डॉ ए. के. सिंह ने बताया कि यह सम्मेलन किसानों की आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और कृषि नवाचार आधारित उद्यमिता को नई दिशा देगा और कृषि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उक्त प्रेस वार्ता में डॉ बलराज सिंह, डॉ मनीष श्रीवास्तव, गौरव शर्मा, एम.जे. डोबरियाल और प्रभात तिवारी सहित विश्वविद्यालय के अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया