कांग्रेस विधायक बरैया के बचाव में आया दिग्‍विजय सिंह का बयान

 




भोपाल, 19 जनवरी (हि.स.)। महिलाओं पर विवादास्‍द बयान देने वाले मध्य प्रदेश के भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बचाव में अब पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्‍विजय सिंह सामने आए हैं। उनका कहना है कि फूल सिंह बरैया की कोई गलती नहीं, वे तो एक पुस्‍तक का हवाला दे रहे थे।

पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्‍विजय सिंह ने कहा कि कार्रवाई करनी है तो उस पुस्‍तक और पुस्‍तक लिखने वालों पर करें, न कि बरैया पर। बरैया ने अपनी तरफ से कुछ भी अनुचित नहीं बोला है। इस पर अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष ऊषा अग्रवाल ने सोमवार को घोर आपत्‍त‍ि जताई है।

उन्‍होंने कहा, दिग्विजय सिंह द्वारा फूल सिंह बरैया का बचाव कांग्रेस के नैतिक दिवालियापन की खुली स्वीकारोक्ति है। यदि बरैया के शब्द उनके निजी विचार नहीं थे, तो ऐसी घृणित और महिला-विरोधी बयान देने की आवश्यकता ही क्या थी? क्या किसी पुस्तक का हवाला देकर महिलाओं की गरिमा पर प्रहार जायज़ हो जाता है? क्या सार्वजनिक रूप से दिए गए बयान की जिम्मेदारी वक्ता की नहीं होती? और यदि वे शब्द गलत थे, तो कांग्रेस ने उसी समय सार्वजनिक खंडन क्यों नहीं किया?

आशीष ऊषा अग्रवाल ने कहा, “बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया”- यह तर्क नहीं, पीड़ित समाज की भावनाओं का अपमान है। सच्चाई साफ़ है- बरैया ने आपत्तिजनक शब्द बोले, राहुल गांधी ने मंच साझा किया, कांग्रेस नेतृत्व मौन रहा और अब सफाइयाँ दी जा रही हैं यह कोई “संदर्भ” नहीं, कांग्रेस की महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन है। कांग्रेस या तो ऐसे बयानों की जिम्मेदारी ले या देश की मातृशक्ति और एससी-एसटी समाज से बिना शर्त माफी माँग कर अपने दूषित विधायक को निष्कासित करे। अब बहाने नहीं, जवाब चाहिए।

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उल्‍लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की भांडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने महिलाओं, विशेषकर दलित, आदिवासी और ओबीसी समुदाय की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक और घृणित टिप्पणी की थी। विधायक बरैया का ये बयान कोई पहली बार नहीं है, जब उन्होंने इस तरह से आपत्तिजनक बात कही हो, इससे पहले भी वह कई मौके पर विवादित बयान देते रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी