कश्मीर में आतंकियों की गोली से वीरगति पाने वाले गजेंद्र गढ़िया को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
बागेश्वर, 20 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में बलिदानी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया को मंगलवार को उनके गृह जनपद बागेश्वर में सैन्य सम्मान के साथ सरयू–खीरगंगा संगम पर अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनियों के अलावाबड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
मंगलवार को कपकोट तहसील के बीथी निवासी बलिदानी का पार्थिव शरीर सैन्य हेलीकॉप्टर के माध्यम से लाया गया। पीजी कॉलेज ग्राउंड पर “भारत माता की जय” और “शहीद गजेंद्र सिंह अमर रहें” के नारों के बीच उनके माता-पिता, पत्नी, परिजन, ग्रामीणों और अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी।इसके बाद सेना की 19 सिख रेजिमेंट दने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य अधिकारियों ने शहीद के अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा को नमन किया। इसके बाद बलिदानी गजेंद्र का सरयू–खीरगंगा संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने बलिदानी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया के आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए गर्व के साथ अंतिम सलामी दी।
इस मौके पर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, पैरा लेफ्टिनेंट कर्नल हरी लुइस, विधायक सुरेश गड़िया, दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री शिव सिंह विष्ट, उपजिलाधिकारी अनिल चनयाल, सैनिक कल्याण अधिकारी विजय मनराल और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय