अमृतानंदमयी मां 1100 से अधिक भक्तों के साथ पहुंची अयोध्या

 




राष्ट्रपति के कार्यक्रम से पूर्व आद्य सरसंघचालक प्रणाम करेंगे राममंदिर में आमंत्रित अतिथि

अयोध्या,18 मार्च (हि.स.)। माता अमृतानंदमयी अपने 1100 से अधिक भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच गई हैं। वे गुरूवार को राम मंदिर में आयाेजित हाेने वाले वर्ष प्रतिपदा महोत्सव में शामिल होंगी। मां अमृतानंदमयी ने पूरे राम मंदिर परिसर का भ्रमण किया। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने दी

बुधवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि माता अमृतानंदमयी अपने 1100 से अधिक भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच गई हैं। आज विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक निदेशचन्द्र के साथ अमृतानंदमयी ने पूरे राम मंदिर परिसर का अवलाेकन किया। महासचिव राय ने बताया कि वर्ष प्रतिपदा पर गुरूवार को श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में कार्यक्रम से पूर्व आमंत्रित अतिथियों के आवास के आसपास नववर्ष के प्रथम दिवस स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण होगा। संघ की शाखा लगेगी तथा ध्वज प्रणाम के साथ ही आद्य सरसंघचालक प्रणाम किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक के सम्मान और स्मृति में यह प्रणाम किया जाता है। आमंत्रित प्रतिष्ठितजनों के लिए आठ स्थानों पर भोजनालय की व्यवस्था की गई है। प्रवेश के लिए मुख्यतः दो द्वारों बिड़ला धर्मशाला के सामने और रंग महल बैरियर निर्धारित किया गया है।

आवासीय प्रबंध के बारे में बताया कि मन्दिर से पूर्व दिशा में पूर्वी उत्तर प्रदेश के विशिष्ट अभ्यागतजन रुकेंगे तथा मन्दिर के आसपास रामघाट,दोराही कुंआ आदि क्षेत्र में उत्तराखंड, मेरठ व ब्रज प्रांत के आमंत्रितजनों की आवासीय व्यवस्था की गई है। बाहर से बसों से आने वाले निर्माण सहयोगियों के ठहरने का प्रबंध चूड़ामणि चौराहे के आस पास तथा तीर्थ क्षेत्र पुरम में किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मन्दिर आंदोलन और निधि संकलन में दायित्व निभाने वाले कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में बुलाए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि स्थानाभाव के कारण अनेक कार्यकर्ताओं को नहीं आमंत्रित किया जा सका है।

महासचिव ने यह भी बताया कि अधिकतम दस बजे तक प्रवेश मिलेगा तथा पौने दो बजे तक कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद आमन्त्रितजनों को दर्शन कराया जाएगा। इस दिन के लिए विशेष दर्शन पास नहीं बनेगा, लेकिन सामान्य दर्शन चलता रहेगा। नवरात्र से ही दर्शन की समयावधि भी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आमंत्रितजन प्रवेश से पूर्व जलपान/भोजन आवासीय स्थान से कर के आएंगे और वापस जाने पर भी कर सकेंगे। कार्यक्रम स्थल पर भी अल्पाहार की व्यवस्था की गई है। व्रत रखने वालों का विशेष ध्यान रखा गया है। महासचिव ने कहा कि जो चाहें उसी दिन अन्यथा ठहरकर अगले दिन जा सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन