युवा संगम फेज-7 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, 18 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन

 

नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ (ईबीएसबी) पहल के तहत युवा संगम फेज-7 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी। 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा, जिनमें उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) के स्वयंसेवक तथा युवा पेशेवर शामिल हैं, आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से 18 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार युवा संगम फेज-7 के संचालन के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) सहित 20 उच्च शिक्षण संस्थानों को नोडल संस्थान बनाया गया है। चयनित प्रतिभागी अपने संबद्ध राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में पांच से सात दिनों की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन यात्रा पर जाएंगे। यात्रा के दौरान उन्हें स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों, सुशासन, नवाचार, उद्योगों, विरासत स्थलों और सामुदायिक जीवन से प्रत्यक्ष रूप से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

इस चरण में उत्तर प्रदेश को केरल, मध्य प्रदेश को कर्नाटक, असम को तेलंगाना, गोवा को मिजोरम, राजस्थान को सिक्किम, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख को महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल को उत्तराखंड, चंडीगढ़ को गुजरात, हिमाचल प्रदेश को ओडिशा तथा दिल्ली को तमिलनाडु के साथ जोड़ा गया है। इन राज्यों के लिए क्रमशः बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, आईआईटी पालक्काड, एसपीए भोपाल, केंद्रीय विश्वविद्यालय कर्नाटक, आईआईटी गुवाहाटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय हैदराबाद, एनआईटी गोवा, केंद्रीय विश्वविद्यालय मिजोरम, आईआईटी जोधपुर, सिक्किम विश्वविद्यालय, एनआईटी श्रीनगर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, आईआईएसईआर मोहाली, केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात, एनआईटी हमीरपुर, आईआईएम संबलपुर, दिल्ली विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु को नोडल संस्थान बनाया गया है।

शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि युवा संगम उच्च शिक्षा विभाग का प्रमुख युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के युवाओं के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना और परस्पर समझ को मजबूत करना है। यह कार्यक्रम ‘विविधता में एकता’ की भावना को बढ़ावा देते हुए युवाओं को देश की सांस्कृतिक, भाषाई, शैक्षणिक और विकासात्मक विविधता से रूबरू कराता है।

कार्यक्रम को पर्यटन, परंपरा एवं संस्कृति, प्रगति एवं सुशासन, जन-से-जन संपर्क तथा प्रौद्योगिकी एवं नवाचार जैसे पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है। मंत्रालय ने देशभर के युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाकर भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को निकट से जानने तथा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार