महिला आरक्षण पर रिजिजू का राहुल पर पलटवार, कहा- 2029 में लागू करने के लिए जल्द परिसीमन जरूरी

 


नई दिल्ली, 08 अगस्त (हि.स.)। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर शनिवार को पलटवार करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के आरक्षण का प्रावधान संविधान के 106वें संशोधन अधिनियम-2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में किया जा चुका है, लेकिन इसके लागू होने के लिए परिसीमन की प्रक्रिया आवश्यक है।

रिजिजू ने एक्स पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि महिला आरक्षण संबंधी संवैधानिक प्रावधान जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने के बाद किए जाने वाले परिसीमन के आधार पर प्रभावी होगा। वर्ष 2023 के बाद प्रकाशित होने वाली जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन किया जाना है और मौजूदा जनगणना प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना के कारण वर्ष 2026 के बाद प्रकाशित होने वाली जनगणना के आंकड़ों को अंतिम रूप देने में काफी समय लग सकता है। ऐसे में महिला आरक्षण के लागू होने में काफी देरी हो सकती है और यह 2034 के आम चुनाव से पहले लागू नहीं हो पाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यदि महिला आरक्षण को 2029 के अगले आम चुनाव में लागू करना है तो उपलब्ध नवीनतम प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करनी होगी।

रिजिजू ने कहा कि इसके लिए कार्यान्वयन की पद्धति परिसीमन विधेयक-2026 में प्रस्तावित की गई थी, जिसे संविधान में संशोधन से संबंधित विधेयक के साथ लोकसभा में पेश किया गया था। हालांकि, इस उद्देश्य से पेश किया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 सदन में पारित नहीं हो सका।

इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर रिजिजू को संबोधित करते हुए कहा था कि संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते वह अच्छी तरह जानते हैं कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और कांग्रेस ने इसका पूर्ण समर्थन किया था। उन्होंने सवाल किया कि तीन साल बाद भी इसे लागू क्यों नहीं किया गया और अब इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा जा रहा है। राहुल ने कहा कि 2023 के कानून को बिना किसी शर्त के लागू किया जाना चाहिए।

इससे पहले रिजिजू ने कांग्रेस के एक्स हैंडल पर साझा राहुल गांधी के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह कांग्रेस की ओर से एक सकारात्मक संदेश प्रतीत होता है और राहुल के महिलाओं के संबंध में रुख में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।

रिजिजू की यह प्रतिक्रिया राहुल के उस वीडियो पर आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की महिलाओं की ऊर्जा को दबाकर रखा गया है और उन्हें अपनी ऊर्जा व्यक्त करने तथा कल्पना करने की पूरी स्वतंत्रता नहीं दी जा रही है। कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसकी महिलाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे नहीं बढ़तीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार