(वार्षिकी) तकनीक के जरिए महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, शिक्षा, सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा जोर

 


नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2025 में तकनीक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिेए उनके पोषण, शिक्षा, सुरक्षा सुनिश्चित किया है। शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2025 में महिलाओं और बच्चों के लिए किए गए अपने कामों और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि जब महिलाएं और बच्चे मजबूत होंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा।

मंत्रालय ने बताया कि पोषण ट्रैकर पर अब तक 9 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इससे गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0

सरकार ने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत देश में पोषण अभियान को और मजबूत किया है।

30 नवंबर 2025 तक इस मिशन से 8.69 करोड़ से ज्यादा गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरियां और बच्चे लाभान्वित हुए हैं।

आंगनवाड़ी केंद्रों का विकास

देशभर में 2 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को “सक्षम आंगनवाड़ी” बनाने की मंजूरी दी गई है।

इनमें से 94,077 आंगनवाड़ी केंद्रों को एलईडी स्क्रीन और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा चुका है।

इन केंद्रों में अब बच्चों को बेहतर पोषण, पढ़ाई और देखभाल मिल रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत कमजोर जनजातीय समूहों के इलाकों में 2,500 गृह निर्माण केंद्र स्वीकृत किए गए, जिनमें से 2,326 केंद्र काम कर रहे हैं।

इस योजना को अच्छे से लागू करने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला मंत्रालय घोषित किया गया और राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया।

पोषण ट्रैकर

तकनीक से पारदर्शिता

पोषण ट्रैकर ऐप, जिसे मार्च 2021 में शुरू किया गया था, आज आंगनवाड़ी सेवाओं का एक मजबूत डिजिटल माध्यम बन चुका है।

इस ऐप पर 9 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी पंजीकृत हैं।

करीब 8 करोड़ बच्चों की लंबाई और वजन की हर महीने निगरानी होती है।

14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र इस ऐप से जुड़े हुए हैं।

यह ऐप 24 भाषाओं में उपलब्ध है।

इस ऐप की मदद से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं की सही जानकारी दर्ज करती हैं, जिससे भ्रष्टाचार कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है।

सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान

सरकार ने सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान शुरू किया है।

इसके तहत देश की 1,000 ऐसी पंचायतों को चुना जाएगा, जहां पोषण, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में अच्छा काम हुआ है।

यह अभियान राज्यों और पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है, ताकि कुपोषण मुक्त भारत का सपना पूरा हो सके।

प्रधानमंत्री ने 8वें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की।

इस दौरान देशभर में 14.33 करोड़ से ज्यादा गतिविधियां आयोजित की गईं।

20 से अधिक मंत्रालयों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया।

एक ही दिन में 15 लाख से ज्यादा महिलाओं को 450 करोड़ रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में दी गई।

आंगनवाड़ी केंद्र

आंगनवाड़ी केन्द्र केवल भोजन देने की जगह न हों, बल्कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई का भी केंद्र बनें।

8.55 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 41,645 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है।

बच्चों के लिए आधारशिला (0–3 वर्ष) और नवचेतना (3–6 वर्ष) पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं।

ये पाठ्यक्रम 12 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हैं।

हेल्पलाइन नंबर 1515

महिलाओं और लाभार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन 1515 शुरू की है।

पहले यह नंबर 14408 था, जिसे बदलकर 1515 कर दिया गया है ताकि याद रखना आसान हो।

दिसंबर 2025 तक 1.40 लाख से ज्यादा शिकायतें आईं, जिनमें से 1.04 लाख शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।

चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस)

सरकार ने आंगनवाड़ी सेवाओं और पीएमएमवीवाई में चेहरे से पहचान (FRS) की सुविधा शुरू की है।

इससे सही लाभार्थी की पहचान होती है और फर्जीवाड़ा रुकता है।

टेक होम राशन और मातृत्व लाभ अब चेहरे की पहचान से दिए जा रहे हैं।

पीएमएमवीवाई में 21 मई 2025 से यह व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।

मिशन शक्ति

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए मिशन शक्ति चलाया जा रहा है।

देशभर में 865 वन स्टॉप सेंटर काम कर रहे हैं, जहां अब तक 12.67 लाख महिलाओं को मदद मिली है।

महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन सेवा 112 से जोड़ा गया है।

93 लाख से ज्यादा महिलाओं को सहायता दी जा चुकी है।

मिशन वात्सल्य

बच्चों की सुरक्षा

मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों की देखभाल और सुरक्षा को मजबूत किया गया है।

सभी राज्यों में चाइल्ड हेल्पलाइन शुरू की गई है।

इसे भी आपातकालीन नंबर 112 से जोड़ा गया है।

बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।

बाल विवाह मुक्त भारत

सरकार बाल विवाह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही है।

इस अभियान से करोड़ों लोग जुड़े और लाखों गतिविधियां आयोजित की गईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी