मुंबई में 18 से 20 दिसंबर तक होगा वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का आयोजन, डॉ. मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन सत्र को संबोधित
मुंबई, 09 अक्टूबर (हि.स.)। विश्वभर के हिंदू नेतृत्व का प्रमुख वैश्विक समागम वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस (डब्ल्यूएचसी) इस बार मुंबई में आयोजित होगा। तीन दिवसीय सम्मेलन 18 से 20 दिसंबर तक बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे। आयोजकों के अनुसार, इसमें 60 से अधिक देशों के 4,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
सम्मेलन में हिंदू नेता, विचारक, उद्यमी, शिक्षाविद्, मीडिया प्रतिनिधि, पेशेवर और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व एक मंच पर जुटेंगे। तीन दिनों के दौरान 45 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 150 से अधिक वक्ता अर्थव्यवस्था, शिक्षा, मीडिया, राजनीति, महिला सशक्तीकरण, युवा और हिंदू संगठनों सहित विभिन्न विषयों पर विचार रखेंगे।
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस 2026 की थीम ‘समानं व्रतं सह चित्तम् – साझा प्रतिबद्धता, सामूहिक संकल्प’ रखी गई है। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर हिंदू समुदाय के विभिन्न संगठनों, संस्थाओं और व्यक्तियों के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देना है।
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के प्रवर्तक स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि विश्वभर में हिंदू समाज की दृश्यता और प्रतिष्ठा बढ़ी है, लेकिन यह रुकने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था, शिक्षा, अकादमिक जगत, मीडिया और राजनीति जैसे प्रभावशाली क्षेत्रों में हिंदुओं की भागीदारी मजबूत करने के लिए वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस एक रणनीतिक और संगठित मंच प्रदान करती है। इसका उद्देश्य विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों को साझा प्रतिबद्धता तथा सामूहिक संकल्प के साथ जोड़ना है।
इस वर्ष डब्ल्यूएचसी में भाषा, समाज, विश्वकर्मा और धर्म विषयों पर चार विशेष प्लेनरी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
धर्म प्लेनरी में हिंदू, बौद्ध, ताओ, शिंटो सहित विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक परंपराओं के आध्यात्मिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें धर्म की विविध परंपराओं, उनकी समकालीन प्रासंगिकता और विभिन्न दृष्टिकोणों के बीच संवाद पर चर्चा होगी।
समाज प्लेनरी में सामाजिक समरसता, सामुदायिक विकास और हिंदू समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें विभिन्न समुदायों, परंपराओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
भाषा प्लेनरी का उद्देश्य हिंदू समाज की भाषाई विविधता, साहित्य, सभ्यतागत ज्ञान और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में विभिन्न भाषाओं की भूमिका को रेखांकित करना है।
विश्वकर्मा प्लेनरी में कौशल विकास, उद्यमिता, नवाचार और आर्थिक-सामाजिक विकास में कारीगरों, शिल्पकारों तथा पेशेवरों के योगदान पर चर्चा होगी। इसके माध्यम से कुशल कार्य की गरिमा बढ़ाने और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने के उपायों पर भी मंथन किया जाएगा।
इस वर्ष वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के साथ पहली बार वर्ल्ड हिंदू एक्सपो का भी आयोजन किया जाएगा। स्वामी विज्ञानानंद ने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य व्यापार और वाणिज्य को प्रोत्साहन देना तथा हिंदू समाज में समृद्धि और आर्थिक विकास के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।
आयोजकों के अनुसार, सरकार, उद्योग, प्रौद्योगिकी, मीडिया और सांस्कृतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने सम्मेलन में भाग लेने की पुष्टि की है। इनमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हैं।
इसके अलावा लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, गीतकार एवं पटकथा लेखक मनोज मुंतशिर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान, बीएमसी आयुक्त एवं मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक अश्विनी भिड़े, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद और नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर भी प्रमुख नामों में शामिल हैं।
उद्योग एवं आर्थिक क्षेत्र से प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल, एलएंडटी प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स के संजय चक्रवर्ती, अग्निकुल कॉसमॉस के सह-संस्थापक एवं सीईओ श्रीनाथ रविचंद्रन, रीन्यू के संस्थापक एवं सीईओ सुमंत सिन्हा, सर्वम एआई के सह-संस्थापक डॉ. विवेक राघवन, आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप के वाइस चेयरमैन शाश्वत गोयनका, यूलू बाइक के सह-संस्थापक आर. के. मिश्रा और इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में अन्य प्रमुख प्रतिभागियों के नामों की भी घोषणा की जाएगी।
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का आयोजन प्रत्येक चार वर्ष में एक बार किया जाता है। इससे पहले इसके सम्मेलन नई दिल्ली में 2014, शिकागो में 2018 और बैंकॉक में 2023 में आयोजित किए गए थे। आयोजकों के मुताबिक, यह मंच दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाले हिंदू नेताओं, विचारकों, कार्यकर्ताओं और संस्थाओं को एक साथ लाकर साझा मुद्दों पर विचार-विमर्श और सहयोग के अवसर उपलब्ध कराता है।
मुंबई में होने वाले इस सम्मेलन की आयोजन समिति के चेयरमैन अजय पीरामल हैं, जबकि विशद मफतलाल और महेश भागचन्दका वाइस चेयरमैन हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन वैश्विक हिंदू समुदाय के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ समाज, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी